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नगरीय निकाय चुनाव की सरगर्मियां तेज: जिला प्रमुख का पद महिलाओं के लिए आरक्षित, ODF शपथ पत्र हुआ अनिवार्य

श्रीगंगानगर।

आगामी स्थानीय नगरीय निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर श्रीगंगानगर जिले में राजनीतिक हलचल और प्रशासनिक तैयारियां तेजी से बढ़ गई हैं। स्वायत्त शासन विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत जिले में वार्डों और शीर्ष पदों के आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इस बार के चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव जिला प्रमुख के पद का महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित होना और नामांकन प्रक्रिया में खुले में शौच मुक्त (ODF) शपथ पत्र को अनिवार्य बनाया जाना है।

जिला प्रमुख पद महिला के लिए आरक्षित: बदले सियासी समीकरण

राज्य सरकार द्वारा हाल ही में निकाली गई आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया के तहत श्रीगंगानगर जिला परिषद के जिला प्रमुख का पद महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित घोषित किया गया है। इस निर्णय के सामने आते ही जिले के प्रमुख राजनीतिक दलों—भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस—के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।

पहले से तैयारी कर रहे कई दिग्गज पुरुष दावेदारों के समीकरण प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते अब वे अपने परिवार की महिला सदस्यों (पत्नी, माता या पुत्री) को चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति बना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, पार्टी कैडर से जुड़ी महिला कार्यकर्ताओं और नेत्रियों में इस निर्णय से खासा उत्साह देखा जा रहा है।

नामांकन के साथ ODF शपथ पत्र देना होगा अनिवार्य

स्वच्छ भारत मिशन को धरातल पर मजबूत करने और स्वच्छता के प्रति जन-प्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने एक कड़ा नियम लागू किया है। इसके तहत चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को अपने नामांकन पत्र के साथ एक ओडीएफ (ODF – Open Defecation Free) शपथ पत्र जमा कराना अनिवार्य होगा।

इस शपथ पत्र में प्रत्याशी को यह प्रमाणित करना होगा कि:

  1. उनके आवास पर क्रियाशील और पक्का शौचालय उपलब्ध है।

  2. परिवार का कोई भी सदस्य खुले में शौच के लिए नहीं जाता है।

यदि किसी उम्मीदवार द्वारा जमा कराए गए शपथ पत्र में गलत जानकारी पाई जाती है, तो जांच के बाद उनका नामांकन रद्द किया जा सकता है।

जिला प्रशासन की तैयारियां और नाकाबंदी

चुनावों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी के नेतृत्व में प्रशासनिक मशीनरी अलर्ट मोड पर आ गई है।

  • वार्डवार आरक्षण सूची: श्रीगंगानगर नगर परिषद के 65 वार्डों तथा जिले की विभिन्न नगरपालिकाओं में अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिलाओं के लिए आरक्षण स्थिति को पारदर्शी तरीके से अंतिम रूप दे दिया गया है।

  • मतदाता सूची पुनरीक्षण: मतदाता सूचियों के अद्यतनीकरण और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का कार्य अंतिम चरणों में है।

  • संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर: अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या गड़बड़ी को रोका जा सके।

शहर के चाय के ढाबों से लेकर राजनीतिक कार्यालयों तक अब केवल प्रत्याशियों के चयन और वार्डों के नए समीकरणों की चर्चाएं जोरों पर हैं।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️