
श्रीगंगानगर।
भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने एक बार फिर सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की सटीक सूचना मिलने के बाद पुलिस और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने संयुक्त रूप से सघन तलाशी अभियान और नाकाबंदी शुरू की। इस कार्रवाई के दौरान गश्त कर रही टीम ने हेरोइन और अफीम जैसी नशीली सामग्रियों की तस्करी की कोशिश को नाकाम करते हुए 2 मुख्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
नाकाबंदी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, खुफिया तंत्र से यह सूचना प्राप्त हुई थी कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से ड्रोन अथवा स्थानीय तस्करों के माध्यम से नशीले पदार्थों की खेप भारतीय सीमा में भेजी गई है। इस सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में मुख्य मार्गों और संपर्क सड़कों पर कड़ा पहरा लगा दिया गया।
गश्त के दौरान एक संदिग्ध वाहन को रुकने का इशारा किया गया। वाहन सवार युवकों ने पुलिस टीम को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क जवानों ने घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन और अफीम बरामद की गई। प्राथमिक जांच में जब्त किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों-करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
सीमा पार नेटवर्क और ड्रोन से तस्करी की आशंका
श्रीगंगानगर जिले की भौगोलिक स्थिति पाकिस्तान सीमा से सटी होने के कारण पिछले कुछ समय से पाकिस्तानी तस्कर ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की खेप भारतीय क्षेत्र में गिराने का प्रयास करते रहे हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वे सीमा पार बैठे पाकिस्तानी हैंडलर्स से लगातार संपर्क में थे।
सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन और उनके स्थानीय नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि सीमा पार से मादक पदार्थों की डिलीवरी प्राप्त करने के बाद इसे पंजाब या राजस्थान के किन अन्य जिलों में सप्लाई किया जाना था।
सुरक्षा एजेंसियों का ‘हाई अलर्ट’ और लगातार सर्च ऑपरेशन
इस घटना के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे पूरे बेल्ट में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने सीमा रेखा के पास रात्रिकालीन गश्त बढ़ा दी है और सर्च लाइट तथा आधुनिक ड्रोन-डिटेक्शन सिस्टम के जरिए सीमा पार की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
श्रीगंगानगर पुलिस और बीएसएफ द्वारा सीमा से सटे गांवों (चकों) में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। ग्रामीणों और स्थानीय सरपंचों से भी अपील की गई है कि यदि रात के समय आसमान में किसी अनजान ड्रोन की आवाज सुनाई दे या खेतों में कोई संदिग्ध वस्तु अथवा व्यक्ति नजर आए, तो उसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाने या बीएसएफ चौकी को दें।
तस्करी और देशविरोधी गतिविधियों पर दोहरा प्रहार
सीमावर्ती क्षेत्र में नशीले पदार्थों का बढ़ता जाल न केवल युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रहा है, बल्कि इससे होने वाली ‘ड्रग मनी’ का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में किए जाने का अंदेशा रहता है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
श्रीगंगानगर पुलिस और सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी ने एक बार फिर सीमा पार से होने वाली नापाक साजिशों को विफल कर दिया है।