
मेजर ध्यानचंद की जयंती पर समर्पित खेल उत्सव हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में हर वर्ष 29 अगस्त को मनाए जाने वाले ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ (National Sports Day) के अवसर पर इस वर्ष देशभर में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। खेल मंत्रालय और युवा कार्यक्रम विभाग के नेतृत्व में आयोजित इस बहु-दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान का भव्य समापन हुआ। देश के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, खेल परिसरों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालय परिसरों में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और फिटनेस अभियानों का आयोजन किया गया, जिसमें करोड़ों युवाओं, खेल प्रेमियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
फिट इंडिया मूवमेंट और युवाओं की भागीदारी
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‘खेलो इंडिया’ और ‘फिटनेस का डोज’: इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस का मुख्य थीम युवाओं को डिजिटल स्क्रीन से दूर कर खेल के मैदानों की ओर आकर्षित करना और ‘फिट इंडिया’ आंदोलन को जन-आंदोलन का रूप देना रहा।
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विभिन्न खेल गतिविधियां: देश के अलग-अलग हिस्सों में मैराथन दौड़, वॉकथॉन, साइकिल रैली, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस और एथलेटिक्स जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
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सामूहिक शपथ: सभी सरकारी संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों और अधिकारियों ने खेल भावना बनाए रखने, प्रतिदिन शारीरिक गतिविधि करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ ली।
प्रमुख शहरों और खेल परिसरों में रहे मुख्य आकर्षण
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नई दिल्ली (मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम): देश की राजधानी में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन उसी ऐतिहासिक स्टेडियम में हुआ जो मेजर ध्यानचंद के नाम पर समर्पित है। यहां दिग्गज खिलाड़ियों और उभरती हुई प्रतिभाओं के बीच प्रदर्शनी हॉकी मैच का आयोजन किया गया।
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ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में आयोजन: पहली बार राष्ट्रीय खेल दिवस की गूंज देश के दूरदराज और सीमावर्ती गांवों तक पहुंची। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक स्थानीय और पारंपरिक खेलों (जैसे मल्लखंब, खो-खो और तीरंदाजी) की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
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कॉर्पोरेट और सरकारी दफ्तरों में वॉकथॉन: केवल खेल अकादमियां ही नहीं, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों और निजी कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों की फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए खेल सत्रों का आयोजन किया।
उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान और प्रोत्साहन समापन समारोह के अवसर पर क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर वर्ष भर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों (कोच) को सम्मानित किया गया। खेल अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर (Grassroots Level) पर छिपी हुई खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों जैसे ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए तैयार करना है।
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खेल जरूरी राष्ट्रीय खेल दिवस के इस व्यापक अभियान ने एक बार फिर साबित किया है कि खेल केवल मनोरंजन या पदकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अनुशासन, टीम वर्क और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम हैं।
समापन समारोह में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि मेजर ध्यानचंद को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है जब देश का हर नागरिक अपनी दिनचर्या में कम से कम आधा घंटा खेलों या किसी न किसी शारीरिक गतिविधि के लिए जरूर निकाले। इस राष्ट्रीय खेल उत्सव ने निसंदेह देश में एक नई खेल संस्कृति और फिटनेस की लहर पैदा की है।