
श्रीगंगानगर। सरहदी जिले श्रीगंगानगर की पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। कई महीनों से पुलिस को चकमा देकर विदेश में छिपा बैठा आरोपी जैसे ही भारत वापस लौटा, पुलिस की विशेष टीम ने उसे धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी न्यूजीलैंड में रह रहा एक एनआरआई (Non-Resident Indian) है, जो जिले में दर्ज धोखाधड़ी, रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र के गंभीर मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा था।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन, धोखाधड़ी और जमीन के फर्जी कागजात तैयार कर रंगदारी वसूलने की साजिश से जुड़ा हुआ है। आरोपी ने श्रीगंगानगर के स्थानीय कारोबारियों और जमीन मालिकों को निशाना बनाते हुए लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में जब आरोपी का नाम मुख्य षड्यंत्रकारी के रूप में सामने आया, तब तक वह शातिराना अंदाज में कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए न्यूजीलैंड भाग चुका था। विदेश में बैठकर भी वह अपने स्थानीय नेटवर्क के जरिए पीड़ितों को डराने-धमकाने और मामले को वापस लेने का दबाव बना रहा था।
लुकाउट नोटिस (LOC) और पुलिस की घेराबंदी
आरोपी के विदेश भाग जाने के बाद श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अदालत से आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल किए और केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा अप्रवासन विभाग (Immigration Department) के सहयोग से आरोपी के खिलाफ लुकाउट सर्कुलर (Lookout Circular – LOC) जारी करवाया।
पुलिस की तकनीकी टीम और साइबर सेल लगातार आरोपी के सोशल मीडिया, डिजिटल फुटप्रिंट्स और भारत में मौजूद उसके रिश्तेदारों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
एयरपोर्ट पर बिछाया गया जाल और गिरफ्तारी
हाल ही में पुलिस को गुप्त सूचना और अप्रवासन विभाग से इनपुट मिला कि आरोपी निजी कारणों से भारत आ रहा है और उसकी फ्लाइट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड करने वाली है। सूचना मिलते ही श्रीगंगानगर पुलिस की एक विशेष टीम को तुरंत रवाना किया गया।
जैसे ही आरोपी न्यूजीलैंड से आ रही फ्लाइट से उतरा और इमीग्रेशन क्लियरेंस के लिए पहुंचा, सिस्टम में जारी एलओसी (LOC) अलर्ट होते ही सुरक्षा अधिकारियों ने उसे रोक लिया। मौके पर पहले से मौजूद श्रीगंगानगर पुलिस की टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे गिरफ्तार कर श्रीगंगानगर ले आई।
पुलिस रिमांड और गहन पूछताछ
आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने मामले की तह तक जाने और अन्य सहयोगियों का पता लगाने के लिए उसका पुलिस रिमांड हासिल किया है।
“विदेश भागकर कानून से बचने की कोशिश करने वाले अपराधियों के लिए यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। फर्जी दस्तावेजों की बरामदगी और ठगी गई राशि का सुराग लगाने का प्रयास जारी है।” — पुलिस अधिकारी, श्रीगंगानगर
अन्य सहयोगियों में मचा हड़कंप
एनआरआई आरोपी की इस अचानक गिरफ्तारी से जिले में उसके स्थानीय मददगारों और आपराधिक सहयोगियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है, जिन्होंने आरोपी को फर्जी दस्तावेज तैयार करने और विदेश भागने में मदद की थी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।