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रायसिंहनगर BSF कैंप में घुसपैठ: संदिग्ध के मोबाइल से मिले पाकिस्तानी नंबर, JIC की गहन पूछताछ शुरू

सीमावर्ती जिला श्रीगंगानगर एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के केंद्र में आ गया है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे रायसिंहनगर इलाके में स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 163वीं बटालियन के कैंप में एक व्यक्ति द्वारा जबरन घुसपैठ की कोशिश का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोपी की पहचान सुभाष चंदर के रूप में हुई है, जिसे मुस्तैद BSF जवानों ने दीवार फांदते ही मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी की प्राथमिक तलाशी और उसके मोबाइल फोन की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। आरोपी के फोन से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार यानी पाकिस्तान के कंट्री कोड (+92) वाले कई नंबरों पर बातचीत और संदिग्ध व्हाट्सएप/कॉल डिटेल मिली हैं।

घटना का विवरण और सुरक्षाबलों की त्वरित कार्रवाई

घटना रायसिंहनगर स्थित BSF की 163वीं बटालियन के मुख्यालय कैंप की है। सुरक्षा मानकों के तहत सीमावर्ती BSF कैंपों में चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाती है। घटना की रात, कैंप की बाहरी परिधि पर तैनात संतरी ने एक संदिग्ध व्यक्ति को बाउंड्री वॉल फांदकर परिसर के भीतर दाखिल होने का प्रयास करते देखा। संतरी ने बिना समय गंवाए अलार्म बजाया और सतर्क जवानों ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सुभाष चंदर बताया। BSF अधिकारियों ने जब उसकी व्यक्तिगत तलाशी ली, तो उसके पास से एक स्मार्टफोन और अन्य सामान बरामद हुआ। जब सुरक्षा अधिकारियों ने आरोपी के मोबाइल फोन की डिजिटल फॉरेंसिक जांच की, तो उसमें कई चौंकाने वाले सुराग मिले।

पाकिस्तानी कनेक्शन और डिजिटल फॉरेंसिक जांच

आरोपी के मोबाइल की शुरुआती जांच में पाया गया कि वह पिछले कुछ समय से पाकिस्तान के नंबरों के संपर्क में था। फोन में पाकिस्तानी कंट्री कोड वाले नंबर सेव पाए गए हैं, जिन पर नियमित रूप से वॉयस कॉल और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से संवाद किया गया था।

सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही हैं कि:

  1. संपर्क का उद्देश्य: क्या आरोपी किसी सीमा पार जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है या उसे BSF कैंप की लोकेशन, जवानों की संख्या और कैंप के लेआउट की जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया था?

  2. ड्रग्स व हथियार तस्करी से जुड़ाव: श्रीगंगानगर क्षेत्र में ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हेरोइन और हथियारों की तस्करी की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि क्या आरोपी का संबंध किसी लोकल स्मगलिंग मॉड्यूल या ‘ड्रॉप-ऑफ’ नेटवर्क से है।

  3. फंडिंग और वित्तीय लेन-देन: आरोपी के बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसे किसी सीमा पार आका द्वारा वित्तीय मदद दी जा रही थी।

संयुक्त पूछताछ केंद्र (JIC) में मामले का हस्तांतरण

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए BSF ने प्रारंभिक वैधानिक प्रक्रियाओं के बाद आरोपी सुभाष चंदर को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। घटना की गंभीरता और सीमा पार से जुड़े तार के कारण मामले को तुरंत संयुक्त पूछताछ केंद्र (JIC – Joint Interrogation Center) को सौंप दिया गया है।

JIC में राजस्थान पुलिस के आला अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियों (IB), सेना की इंटेलिजेंस, BSF और अन्य राष्ट्रीय जांच संस्थाओं के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। आरोपी के मोबाइल को फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है ताकि डिलीट किए गए डेटा, चैट हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड्स को पूरी तरह रिकवर किया जा सके।

सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट और सुरक्षा समीक्षा

इस घटना के बाद श्रीगंगानगर और रायसिंहनगर के पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। BSF और स्थानीय पुलिस ने मिलकर कैंपों के आसपास के इलाकों, संदिग्ध ठिकानों और ढाणियों में विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है और स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस अथवा सुरक्षा बलों को दें।

यह घटना दर्शाती है कि सीमा पार बैठी देशविरोधी ताकतें भारतीय सीमाओं में सेंध लगाने के लिए स्थानीय संपर्कों का इस्तेमाल करने की कोशिश में हैं, हालांकि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने एक संभावित बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया है।

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