
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में इस सप्ताह एक ऐसा बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील आपराधिक मामला सामने आया है, जिसने न केवल पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया, बल्कि स्थानीय कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रीविजयनगर क्षेत्र से लापता हुई एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए इस जघन्य अपराध ने स्थानीय जनता, सामाजिक संगठनों और प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।
अपराध का तरीका: बहला-फुसलाकर अवैध होटलों में सौदा
मामले की शुरुआत तब हुई जब श्रीविजयनगर से एक नाबालिग लड़की अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस उसकी तलाश में जुटी ही थी कि जांच की परतें खुलते ही एक बड़े संगठित मानव तस्करी और शोषण रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।
पुलिस जांच और पीड़िता के बयानों के अनुसार, एक ई-रिक्शा चालक ने नाबालिग की लाचारी और कम उम्र का फायदा उठाकर उसे अपने जाल में फंसाया। वह उसे बहला-फुसलाकर श्रीगंगानगर शहर ले आया, जहां उसने चंद पैसों के लालच में मासूम को शहर के अवैध होटलों के संचालकों और प्रबंधकों को बेच दिया।
इसके बाद जो कुछ हुआ, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाला था। होटल संचालकों और प्रबंधकों ने मिलकर नाबालिग को एक कमरे में बंधक बना लिया। कई दिनों तक उसके साथ दरिंदगी और घिनौना कृत्य किया गया। जब भी मासूम इसका विरोध करती या अपने घर जाने के लिए रोती-बिलखती, तो आरोपी उसे चुप कराने और उसकी आवाज दबाने के लिए जबरन नशीला पदार्थ (शराब और अन्य नशीली चीजें) पिला देते थे। कई दिनों तक वह मासूम इसी नारकीय स्थिति में घुटती रही।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: ‘होटल जॉय इन’ से रेस्क्यू और 12 गिरफ्तारियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीगंगानगर जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने शहर के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के पास स्थित होटलों पर अचानक छापेमारी शुरू की।
पुलिस ने त्वरित और साहसिक कार्रवाई करते हुए पीड़ित बच्ची को ‘होटल जॉय इन’ के एक कमरे से सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची को तुरंत चिकित्सीय सहायता और काउंसलिंग मुहैया कराई गई। इस घिनौने और संगठित अपराध में शामिल मुख्य ई-रिक्शा चालक रामबाबू, होटल मालिक मयंक सैन, और मैनेजर हरदीप नाथ को पुलिस ने मौके से ही दबोच लिया। पुलिस की सख्त तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस रैकेट से जुड़े अन्य चेहरों के नकाब उतरते गए। पुलिस अब तक इस मामले में संलिप्त 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें ग्राहक, मददगार और होटल स्टाफ शामिल हैं।
जनता का आक्रोश और प्रशासन का ‘बुलडोजर एक्शन’
जैसे ही इस सामूहिक शोषण और मानव तस्करी की खबर शहर में फैली, स्थानीय जनता, महिला अधिकार संगठनों और व्यापारिक यूनियनों में भारी आक्रोश फैल गया। आरोपियों को फांसी की सजा देने और अवैध होटलों को बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गए।
शहर के लॉ एंड ऑर्डर (कानून-व्यवस्था) को बिगड़ने से रोकने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए जिला प्रशासन और नगर परिषद ने एक बेहद सख्त कदम उठाया। प्रशासन ने उन 4 चिन्हित अवैध होटलों के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया, जहां इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया जा रहा था और जो बिना किसी वैध दस्तावेज या नियमों के चल रहे थे।
देर रात भारी पुलिस जाब्ते और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में इन दागी होटलों पर पीला पंजा (बुलडोजर) चलाया गया। निर्माण को ध्वस्त करने की इस बड़ी कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि अपराधियों और अनैतिक गतिविधियों को संरक्षण देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस सख्त कदम के बाद जहां एक तरफ अपराधियों में हड़कंप है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस फिलहाल मामले के बाकी कड़ियों को जोड़ने और सख्त से सख्त कानूनी सजा दिलाने के लिए चार्जशीट तैयार कर रही है।