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मौसम अपडेट: श्रीगंगानगर पर चक्रवाती तंत्र सक्रिय, भारी बारिश और तेज आंधी का यलो अलर्ट जारी

श्रीगंगानगर। भीषण गर्मी, तपती धूप और उमस के दोहरे थपेड़ों से बेहाल श्रीगंगानगर और आस-पास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और विशेष रूप से श्रीगंगानगर के वायुमंडल के ऊपरी हिस्सों में एक मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) सक्रिय हो गया है। इस नए मौसमी तंत्र के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाओं को भारी गति मिल रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में मानसून की सक्रियता तेजी से बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने आधिकारिक बुलेटिन जारी करते हुए श्रीगंगानगर सहित पूरे बीकानेर संभाग के लिए आगामी दिनों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। इसके तहत क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है।

उमस और भीषण गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत

पिछले कुछ दिनों से सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में तापमान का पारा लगातार सामान्य से ऊपर चल रहा था। तीखी धूप के साथ-साथ हवा में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण असहनीय उमस ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा था। कूलर और पंखे भी इस चिपचिपी गर्मी के आगे पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे थे।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस चक्रवाती तंत्र (Cyclonic Circulation) के असर से आसमान में घने बादलों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। तापमान में गिरावट आने और ठंडी मानसूनी हवाओं के चलने से लोगों को इस जानलेवा उमस से बहुत जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। दिन और रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है।

आंधी और वज्रपात की चेतावनी: बीकानेर संभाग में दिखेगा असर

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, यह चक्रवाती सिस्टम काफी ऊंचाई तक फैला हुआ है, जिसके कारण पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है।

  • तेज अंधड़ की आशंका: चक्रवाती तंत्र के सक्रिय होने से बारिश से ठीक पहले या उसके साथ कई इलाकों में तेज धूल भरी आंधी (Dust Storm) आ सकती है। इसके कारण दृश्यता (Visibility) कम होने की संभावना है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

  • मेघगर्जन और आकाशीय बिजली: विभाग ने चेतावनी दी है कि बादलों की तीव्र आवाजाही के दौरान कुछ स्थानों पर वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की घटनाएं भी हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले खेतों या पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है।

  • बारिश का दौर: बीकानेर संभाग के जिलों—श्रीगंगानगर, अनूपगढ़, हनुमानगढ़ और बीकानेर—के कई हिस्सों में खंड वर्षा (रुक-रुक कर भारी बारिश) और कुछ स्थानों पर लगातार मूसलाधार बारिश होने के आसार बन रहे हैं।

किसानों के लिए वरदान साबित होगी यह बारिश

श्रीगंगानगर जिला मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान क्षेत्र है, जिसे ‘राजस्थान का अन्नकटोरा’ भी कहा जाता है। यहाँ इस समय खरीफ की फसलों, विशेषकर नरमा (कपास), ग्वार, मूंग और धान की बुवाई का काम जोरों पर है या फसलें शुरुआती चरण में हैं। ऐसे में लंबे समय से पड़ रही सूखी गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचा रही थी और किसान सिंचाई के लिए नहरों और बारिश के पानी का इंतजार कर रहे थे।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस चक्रवाती तंत्र के कारण होने वाली बारिश खरीफ की फसलों के लिए ‘अमृत’ के समान साबित होगी। इससे फसलों को प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन और भरपूर पानी मिलेगा, जिससे उनकी ग्रोथ अच्छी होगी। हालांकि, किसानों को सलाह दी गई है कि वे आंधी के दौरान खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव या खुला पानी लगाने से बचें।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी: आमजन बरतें सावधानी

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सभी उपखंड अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। चक्रवाती आंधी और बारिश के मद्देनजर आमजन के लिए एक आवश्यक एडवाइजरी जारी की गई है:

  1. सुरक्षित स्थानों पर रहें: तेज आंधी या मेघगर्जन के समय कच्चे मकानों, टिनशेडों, पुराने पेड़ों और बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के पास खड़े न हों।

  2. यात्रा के दौरान सावधानी: आंधी के कारण दृश्यता कम होने पर वाहनों की हेडलाइट ऑन रखें और सुरक्षित स्थान पर गाड़ी रोक लें।

  3. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी: तेज कड़कड़ाहट के समय घरों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें ताकि शॉर्ट सर्किट के खतरों से बचा जा सके।

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