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शहरी सेवा शिविरों का आगाज: श्रीगंगानगर में वार्ड स्तर पर होगा जनसमस्याओं का त्वरित निपटारा

श्रीगंगानगर। आमजन को राहत देने और सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे नागरिकों के घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से श्रीगंगानगर जिले में एक बड़ी प्रशासनिक पहल की शुरुआत की गई है। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव के विशेष दिशा-निर्देशों के तहत 1 जुलाई से जिलेभर में ‘शहरी सेवा शिविरों’ का भव्य आगाज हो गया है। 15 जुलाई तक लगातार चलने वाले इन विशेष शिविरों का मुख्य ध्येय वार्ड स्तर पर जाकर नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं को सुनना और उनका मौके पर ही निस्तारण कर आम जनता को त्वरित राहत प्रदान करना है।

इस अभियान के तहत श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय सहित जिले की सभी प्रमुख नगरपालिकाओं—जैसे अनूपगढ़, गजसिंहपुर, पदमपुर, सादुलशहर, रायसिंहनगर, सूरतगढ़ और श्रीकरणपुर—में वार्डवार शिविरों का शेड्यूल जारी कर काम शुरू कर दिया गया है।

फाइलों के चक्करों से मुक्ति: एक ही छत के नीचे सारे समाधान

आमतौर पर देखा जाता है कि छोटे-छोटे सरकारी कामों, जैसे पट्टा बनवाने, बिजली-पानी के बिल दुरुस्त कराने या किसी सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़ने के लिए नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसमें न सिर्फ समय की बर्बादी होती है, बल्कि लोगों को मानसिक और आर्थिक परेशानी भी झेलनी पड़ती है। इसी समस्या का व्यावहारिक हल निकालते हुए जिला प्रशासन ने ‘शहरी सेवा शिविरों’ की रूपरेखा तैयार की है।

इन शिविरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ “सिंगल विंडो” (एक ही छत के नीचे) व्यवस्था लागू की गई है। शिविरों में नगर परिषद, नगर पालिका, बिजली विभाग (DISCOM), जलदाय विभाग (PHED), राजस्व विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अपने पूरे रिकॉर्ड के साथ मौके पर मौजूद रहते हैं। नागरिक सीधे अपने वार्ड में लग रहे शिविर में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, जिस पर संबंधित विभाग के अधिकारी तुरंत कार्रवाई करते हैं।

इन प्रमुख समस्याओं और सेवाओं पर रहेगा मुख्य फोकस

15 दिवसीय इस महाअभियान के दौरान मुख्य रूप से उन सेवाओं और समस्याओं को प्राथमिकता दी जा रही है जो सीधे तौर पर आम आदमी के दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं:

  • बिजली और पानी से जुड़ी शिकायतें: मानसून के सीजन को देखते हुए खराब ट्रांसफार्मर, ढीले बिजली के तार, कम वोल्टेज, पानी के नए कनेक्शन, दूषित पेयजल की आपूर्ति और पानी-बिजली के गलत बिलों को मौके पर ही ठीक किया जा रहा है।

  • सफाई और जलभराव का समाधान: वार्डों में नालियों की सफाई, कचरा निस्तारण, सड़कों के पैच वर्क और बारिश के दिनों में होने वाले जलभराव की समस्या के निपटारे के लिए नगर निकाय की टीमें मुस्तैद की गई हैं।

  • प्रशासनिक दस्तावेज और पट्टे: राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप विभिन्न आवासीय योजनाओं के तहत पट्टे जारी करने, नाम हस्तांतरण (म्यूटेशन) और जन्म-मृत्यु या विवाह प्रमाण पत्र जारी करने के काम को गति दी जा रही है।

  • सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के नए आवेदन स्वीकार करने, अटकी हुई पेंशन को बहाल करने और जन आधार कार्ड में संशोधन जैसी सुविधाएं भी मौके पर दी जा रही हैं।

जिला कलक्टर की सख्त मॉनिटरिंग और जवाबदेही

अभियान को केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रखकर परिणामोन्मुखी बनाने के लिए जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव स्वयं बेहद गंभीर हैं। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों (SDM) और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे रोजाना अपने-अपने क्षेत्रों में लगने वाले शिविरों का औचक निरीक्षण करें।

कलक्टर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि शिविरों में आने वाली हर एक शिकायत को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और जब तक उसका तार्किक निस्तारण नहीं हो जाता, वह फाइल बंद नहीं होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई काम तकनीकी या कानूनी कारणों से मौके पर नहीं हो सकता, तो आवेदक को उसका स्पष्ट और विनम्रतापूर्वक कारण बताया जाए, ताकि उसे असमंजस में न रहना पड़े।

नागरिकों से अपील: प्रशासन ने सभी वार्ड पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी आह्वान किया है कि वे अपने-अपने वार्डों में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति, विशेषकर बुजुर्गों और वंचित वर्ग को इन शिविरों का पूरा लाभ मिल सके। 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान का फायदा उठाकर शहरी क्षेत्र के लोग अपने लंबे समय से लंबित कामों को आसानी से पूरा करवा सकते हैं।

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