
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के खिलाफ जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार की देर रात शुरू हुआ प्रशासन का कड़ा रुख बुधवार, 1 जुलाई की सुबह तक जारी रहा, जिसके तहत घटना में शामिल और अपराधियों को पनाह देने वाले चार आलीशान होटलों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है।
खौफनाक वारदात और चौकाने वाले खुलासे
यह पूरा मामला तब सामने आया जब पुलिस ने एक पीड़ित परिवार की शिकायत पर जांच शुरू की। जांच में जो तथ्य सामने आए, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। महज 13 साल की एक मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया और उसे शहर के अलग-अलग होटलों में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने बच्ची के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में न केवल मुख्य आरोपी शामिल थे, बल्कि होटलों के संचालक और मैनेजर भी बराबर के हिस्सेदार थे, जिन्होंने बिना किसी वैध आईडी या जांच-पड़ताल के मोटी रकम लेकर नाबालिग को बंधक बनाए रखने के लिए कमरे उपलब्ध कराए। इस खौफनाक खेल का पर्दाफाश होते ही पूरे श्रीगंगानगर शहर में तनाव फैल गया और व्यापारिक संगठनों से लेकर आम नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर आरोपियों को फांसी देने की मांग शुरू कर दी।
‘बुलडोजर एक्शन’ से थर्राए अपराधी
जनता के गुस्से और मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर त्वरित एक्शन प्लान तैयार किया गया। मंगलवार की आधी रात को भारी पुलिस जाब्ते के साथ नगर परिषद और यूआईटी (नगर विकास न्यास) की टीमें जेसीबी और पोकलेन मशीनें लेकर सड़कों पर उतरीं।
प्रशासन ने उन चार प्रमुख होटलों को चिन्हित किया था जहाँ इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया था, जिनमें ‘खूंघर जॉइंट’ और ‘होटल सफायर’ जैसे नाम शामिल हैं। इन होटलों के निर्माण में पाई गई अनियमितताओं और अवैध निर्माण को आधार बनाकर प्रशासन ने बिना कोई वक्त गंवाए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। 1 जुलाई की सुबह होते-होते चारों होटलों के अवैध ढांचे मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके थे। इस कार्रवाई के जरिए सरकार और प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि बेटियों के खिलाफ अपराध करने वालों और उन्हें सहयोग देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अब तक 12 गिरफ्तार, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए लोगों में मुख्य दुष्कर्मी, दलाल और होटलों के वो कर्मचारी शामिल हैं जिन्होंने इस अपराध को छुपाने और बढ़ावा देने का काम किया। पुलिस सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस घिनौने रैकेट में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
इस बीच, शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रभावित इलाकों, विशेषकर ध्वस्त किए गए होटलों के आसपास और मुख्य बाजारों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। आरएसी (राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी) की टुकड़ियों को भी संवेदनशील पॉइंट पर लगाया गया है। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि इस मामले की केस डायरी को ‘केस ऑफिसर स्कीम’ में शामिल कर आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।