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कृषि उपज मंडी में अनाज के भावों का उतार-चढ़ाव: नई फसलों की आवक के बीच जौ की कीमतों में मामूली गिरावट, चना और ग्वार के भाव स्थिर

श्रीगंगानगर। राजस्थान के प्रमुख कृषि प्रधान और सरहदी जिले श्रीगंगानगर की कृषि उपज मंडी में इन दिनों नई फसलों की आवक और देश-दुनिया के व्यापारिक समीकरणों के चलते उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। 15 और 16 जून को मंडी से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों (Spot Quotes) के अनुसार, विभिन्न कृषि जिंसों के दामों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार और स्थानीय मांग के कमजोर होने से कुछ फसलों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर चना, ग्वार और सरसों जैसी मुख्य व्यापारिक फसलों के भाव इस सप्ताह सामान्य और मजबूत बने हुए हैं। मंडी में आ रही इस उठापटक का सीधा असर स्थानीय किसानों और आढ़तियों (व्यापारियों) के मुनाफे पर पड़ रहा है।

जौ (Barley) के भाव में आई आंशिक गिरावट

सोमवार शाम और मंगलवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, श्रीगंगानगर मंडी में जौ (Barley) का व्यापार ₹2,375 प्रति क्विंटल के स्तर पर दर्ज किया गया। पिछले कारोबारी सत्रों की तुलना में जौ की कीमतों में -0.46% की मामूली गिरावट देखी गई है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मंडी में जौ की आवक लगातार बनी हुई है, लेकिन मालट कंपनियों (Breweries) और पशु आहार निर्माताओं की ओर से इस समय मांग थोड़ी सुस्त है। हालांकि, यह गिरावट बेहद आंशिक है और आने वाले दिनों में मांग सुधरते ही कीमतों में फिर से तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

चना और ग्वार के भाव रहे सामान्य और मजबूत

जौ में जहां हल्की सुस्ती रही, वहीं मंडी की अन्य प्रमुख नकदी फसलों—चना और ग्वार—के भाव पूरी तरह से नियंत्रण में और सामान्य बने हुए हैं।

  • चना (Chana): श्रीगंगानगर और आसपास की बीकानेर संभाग की मंडियों में चने का भाव ₹5,500 से ₹5,825 प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा दालों के स्टॉक और आयात-निर्यात नीतियों पर रखी जा रही नजर के कारण चने के भावों में किसी बड़े सट्टे या भारी उतार-चढ़ाव को ब्रेक लगा हुआ है, जिससे भावों में स्थिरता बनी हुई है।

  • ग्वार (Guar Seed): गंगानगर जिला ग्वार के उत्पादन के लिए जाना जाता है। इस सप्ताह सूरतगढ़ और रावतसर सहित मुख्य मंडियों में ग्वार का औसत भाव ₹5,480 से ₹5,565 प्रति क्विंटल के आसपास दर्ज किया गया। ग्वार गम की विदेशी मांग सामान्य होने के कारण इसके दामों में स्थिरता देखी जा रही है, जो किसानों के लिए संतोषजनक है।

सरसों और गेहूं की आवक पर मौसम का असर

पिछले दो दिनों में श्रीगंगानगर के मौसम में आए बदलाव (भीषण गर्मी से राहत और धूल भरी आंधी) का असर मंडी में फसलों की आवक पर भी थोड़ा देखने को मिला है। तेज आंधी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से मंडी तक माल पहुंचाने की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है।

  • सरसों (Mustard): मंडी में सरसों का औसत भाव वर्तमान में ₹4,951 प्रति क्विंटल के आसपास बना हुआ है, जबकि अच्छी क्वालिटी की सूखी सरसों का अधिकतम भाव ₹5,170 प्रति क्विंटल तक जा रहा है। तेल मिलों की निरंतर लिवाली के कारण सरसों के बाजार को अच्छा सपोर्ट मिल रहा है।

  • गेहूं (Wheat): गेहूं की सरकारी खरीद का सीजन लगभग अंतिम चरण में है, लेकिन स्थानीय मिलर्स के लिए खुली बोली में गेहूं का भाव ₹2,400 से ₹2,500 प्रति क्विंटल के बीच स्थिर बना हुआ है।

व्यापारियों और किसानों की नजरें आगामी मानसून पर

मंडी के वरिष्ठ व्यापारियों का कहना है कि जून के मध्य में इस तरह का उतार-चढ़ाव एक सामान्य प्रक्रिया है। इस समय किसान अपनी रबी की फसल बेचकर खरीफ की नई फसलों (जैसे नरमा, कपास, ग्वार और मूंग) की बुवाई की तैयारियों में जुट जाते हैं। आगामी दिनों में कृषि उपज मंडी का रुख पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि देश में मानसून की प्रगति कैसी रहती है। यदि समय पर अच्छी बारिश होती है, तो बाजार में लिवाली बढ़ेगी और अनाज के भावों को और मजबूती मिलने की संभावना है।

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