
घटना का विवरण और मौके का मंजर
राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शहर के केंद्रीय विद्यालय के समीप से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक के ठीक किनारे, एक बिजली के हाई-टेंशन खंभे (पुल) पर एक 24 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ पाया गया। सुबह के समय जब स्थानीय लोग और रेलवे ट्रैक के आसपास से गुजरने वाले राहगीर अपने दैनिक कार्यों के लिए निकले, तो उनकी नजर खंभे पर लटके इस शव पर पड़ी।
लोहे के खंभे पर इतनी ऊंचाई पर युवक का शव लटका देख मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली और रेलवे पुलिस (GRP) की टीमें दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने तुरंत बिजली विभाग से संपर्क कर उस लाइन की विद्युत आपूर्ति (पावर कट) को बंद करवाया, ताकि किसी भी अप्रिय हादसे से बचा जा सके। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से बेहद मशक्कत के बाद युवक के शव को खंभे से नीचे उतारा गया।
परिजनों का फूटा गुस्सा: आत्महत्या मानने से किया इनकार
शव को नीचे उतारने के बाद पुलिस ने जब उसकी जेब और अन्य सामान की तलाशी ली, तो युवक की शिनाख्त हो सकी। मृतक की उम्र महज 24 वर्ष थी और वह स्थानीय इलाके का ही रहने वाला था। जैसे ही इस दुखद घटना की खबर युवक के परिवार वालों तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन और रिश्तेदार तुरंत घटनास्थल और उसके बाद अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) पहुंचे।
युवक की लाश को देखकर परिजनों ने इसे आत्महत्या का मामला मानने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि उनके बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है। उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति खुदकुशी करने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे लगे इतने ऊंचे और खतरनाक बिजली के खंभे पर नहीं चढ़ेगा। परिजनों ने अंदेशा जताया है कि पुरानी रंजिश या किसी आपसी विवाद के चलते कुछ बदमाशों ने पहले उनके बेटे को मौत के घाट उतारा और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने तथा सबूतों को मिटाने के उद्देश्य से शव को इतनी ऊंचाई पर ले जाकर खंभे से लटका दिया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और फॉरेंसिक जांच
मामले की गंभीरता और परिजनों के भारी आक्रोश को देखते हुए जिला पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद शव को राजकीय जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
पुलिस ने घटनास्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया। FSL टीम ने बिजली के खंभे, रेलवे ट्रैक के आसपास के पदचिह्नों (Footprints) और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों को एकत्र किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद संदिग्ध लग रहा है। शव जिस स्थिति में लटका हुआ था, उससे हत्या और आत्महत्या दोनों ही पहलुओं पर गहरा संदेह बना हुआ है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है और उसकी कॉल डिटेल्स (CDR) को खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत से ठीक पहले वह किसके संपर्क में था और उसे आखिरी बार कहां देखा गया था।
इलाके में तनाव और आगामी कार्रवाई
इस घटना के बाद से केंद्रीय विद्यालय और रेलवे स्टेशन के आसपास के रिहायशी इलाकों में भय और तनाव का माहौल व्याप्त है। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि रेलवे ट्रैक के आसपास का यह हिस्सा रात के समय अक्सर सुनसान रहता है।
श्रीगंगानगर पुलिस के अनुसार, परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं जो क्षेत्र में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं और मृतक के दोस्तों व संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं। चिकित्सा अधिकारियों के एक मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों (जैसे- दम घुटने से मौत हुई या खंभे पर लटकाने से पहले ही उसकी जान जा चुकी थी) का खुलासा हो पाएगा। पुलिस का दावा है कि मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और बहुत जल्द इस रहस्यमयी मौत का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।