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नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर: 19 वर्षीय युवा सनसनी ने शीर्ष वरीय खिलाड़ी को चटाई धूल, फाइनल में बनाई जगह

राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप के पुरुष एकल (Men’s Singles) वर्ग में उस समय एक बड़ा इतिहास रच गया, जब सेमीफाइनल मुकाबले में डोमेस्टिक सर्किट की एक 19 वर्षीय युवा गैर-वरीयता प्राप्त सनसनी ने सबको हैरान कर दिया। इस युवा खिलाड़ी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष क्रम (टॉप सीडेड) और बेहद अनुभवी खिलाड़ी को सीधे सेटों में 21-18, 21-15 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया। खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों के लिए यह नतीजा किसी बड़े उलटफेर से कम नहीं था, क्योंकि मैच से पहले शीर्ष वरीय खिलाड़ी की जीत को तय माना जा रहा था। इस जीत के साथ ही इस युवा शटलर ने भारतीय बैडमिंटन के भविष्य के एक नए सितारे के रूप में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।

पहले सेट में कांटे की टक्कर: युवा जोश ने दिखाया दम

मैच की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कोर्ट पर जबरदस्त प्रतिद्वंद्विता देखने को मिली। अनुभवी खिलाड़ी ने अपने पारंपरिक खेल और सटीक प्लेसमेंट के दम पर शुरुआती गेम में 4-1 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि वे मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर लेंगे, लेकिन 19 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी के इरादे कुछ और ही थे। उसने बिना किसी दबाव के अपनी गति (पेस) को बढ़ाया और आक्रामक रैलियां खेलनी शुरू कीं।

हाफ-टाइम तक स्कोर बेहद करीब था। इसके बाद युवा शटलर ने अपने शानदार डिफेंस का मुजाहिरा किया और विपक्षी खिलाड़ी के हर आक्रामक शॉट का करारा जवाब दिया। पहले गेम के अंतिम क्षणों में जब स्कोर 18-18 की बराबरी पर था, तब युवा खिलाड़ी ने गजब के धैर्य का परिचय देते हुए लगातार तीन अंक बटोरे और पहला सेट 21-18 से अपने नाम कर लिया। पहला सेट जीतते ही युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया।

दूसरे सेट में नेट-प्ले और आक्रामक स्मैश का जलवा

दूसरे सेट की कहानी पहले सेट से बिल्कुल अलग रही। अब युवा खिलाड़ी पूरी तरह से मैच पर हावी हो चुका था। पूरे मैच के दौरान इस युवा खिलाड़ी का नेट-प्ले और कोर्ट कवरेज देखने लायक थे। उसने नेट के पास इतनी बारीकी से शटल को ड्रॉप किया कि देश के शीर्ष खिलाड़ी को बार-बार गलती करने पर मजबूर होना पड़ा।

इसके साथ ही, जब भी विपक्षी खिलाड़ी ने शटल को थोड़ा भी हवा में उठाया, इस 19 वर्षीय सनसनी ने 130 किमी/घंटे से भी अधिक की रफ्तार वाले अपने सटीक और गगनचुंबी आक्रामक स्मैश से अंक बटोरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दूसरे सेट के मध्य तक युवा खिलाड़ी ने 11-7 की मजबूत बढ़त बना ली थी। शीर्ष क्रम के खिलाड़ी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए वापसी की कुछ कोशिशें जरूर कीं, लेकिन युवा शटलर की फुर्ती और आक्रामकता के आगे उनकी एक न चली। आखिरकार, दूसरा सेट भी युवा खिलाड़ी ने 21-15 से आसानी से जीतकर मैच और फाइनल दोनों अपने नाम कर लिए।

खिताबी मुकाबले में अब अनुभवी शटलर से होगी टक्कर

इस ऐतिहासिक जीत के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर (स्टैंडिंग ओवेशन) इस युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को सराहा। खेल पंडितों का मानना है कि भारतीय बैडमिंटन को लंबे समय बाद ऐसा कंप्लीट कोर्ट विजन रखने वाला युवा खिलाड़ी मिला है।

अब सबकी नजरें इस चैंपियनशिप के महामुकाबले यानी फाइनल मैच पर टिक गई हैं। खिताबी मुकाबले में इस 19 वर्षीय युवा सनसनी का सामना देश के एक और बेहद चतुर, चालाक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी शटलर से होने जा रहा है। फाइनल मैच जहां एक तरफ युवा खिलाड़ी के जोश, गति और आक्रामकता की परीक्षा होगा, वहीं दूसरी तरफ अनुभवी शटलर के खेल कौशल और कोर्ट टैक्टिक्स का इम्तिहान होगा। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि फाइनल में भी एक बेहद रोमांचक और उच्च स्तरीय बैडमिंटन मुकाबला देखने को मिलेगा।

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