
श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर आज राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मियां चरम पर रहीं, जब कांग्रेस पार्टी के बैनर तले कार्यकर्ताओं और आम शहरवासियों ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ एक विशाल और उग्र ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बिंदु बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे नए स्मार्ट मीटर और शहर में लगातार बदतर होती जा रही कानून व्यवस्था थी। कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में सभी ब्लॉक अध्यक्ष, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतरे। कार्यकर्ताओं का यह हुजूम कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर एकत्र हुआ, जहां उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्मार्ट मीटरों का कड़ा विरोध: जनता पर वित्तीय बोझ का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बिजली के नए स्मार्ट मीटरों को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। जिला अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार विकास और आधुनिकता के नाम पर आम जनता की जेब काटने का काम कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि ये नए स्मार्ट मीटर बेहद तेज गति से चलते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है।
नेताओं ने कहा कि श्रीगंगानगर की जनता पहले ही आर्थिक मंदी और महंगाई की मार झेल रही है, ऐसे में बिना किसी पूर्व तैयारी या जन-जागरूकता के इन मीटरों को जबरन थोपना सरासर अन्याय है। ब्लॉक अध्यक्षों ने भी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि कई इलाकों से यह शिकायतें आ रही हैं कि जितने यूनिट बिजली का उपयोग नहीं किया गया, उससे कहीं ज्यादा का बिल थमा दिया गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि इन स्मार्ट मीटरों को तुरंत प्रभाव से रोका जाए और पुरानी व्यवस्था को ही बहाल रखा जाए, अन्यथा यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।
बिगड़ती कानून व्यवस्था पर प्रशासन को दो टूक चेतावनी
स्मार्ट मीटरों के साथ-साथ इस ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन में शहर की सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी पूरी ताकत से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में शहर के विभिन्न इलाकों में हुई चोरी, डकैती और कत्ल की संगीन वारदातों का हवाला देते हुए कहा कि आज श्रीगंगानगर का आम नागरिक अपने ही घर में असुरक्षित महसूस कर रहा है।
सड़कों पर उतरे कार्यकर्ताओं ने कहा कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। दिनदहाड़े होने वाली चेन स्नेचिंग और सूने मकानों में चोरियों ने व्यापारियों और महिलाओं की रातों की नींद उड़ा दी है। कांग्रेस ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले कुछ दिनों के भीतर कानून व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और हालिया वारदातों के दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो कांग्रेस पार्टी पूरे जिले में चक्का जाम करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गईं: पहली, बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए; दूसरी, बिजली बिलों में आ रही गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच हो; और तीसरी, शहर में पुलिस गश्त बढ़ाकर अपराधों पर लगाम लगाई जाए।
इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में बिजली और सुरक्षा के मुद्दों पर श्रीगंगानगर की सियासत और गरमाने वाली है। आम जनता के समर्थन से उत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे सदन से लेकर सड़क तक जनता की आवाज को दबाने नहीं देंगे।