
आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप की तैयारियों को अंतिम रूप देने के इरादे से मैदान पर उतरी भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने पहले अभ्यास (वॉर्म-अप) मुकाबले में शानदार और अधिकारपूर्ण प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में बेहतरीन खेल दिखाते हुए वेस्टइंडीज की मजबूत टीम को 26 रनों से धूल चटा दी। विश्व कप के मुख्य और कड़े मुकाबलों के शुरू होने से ठीक पहले मिली इस इकतरफा और मनोबल बढ़ाने वाली जीत ने टीम इंडिया के इरादों को साफ कर दिया है। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने जहां चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ और बेहतरीन कप्तानी रणनीतियों के दम पर वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
भारतीय बल्लेबाजों का सधा हुआ प्रदर्शन
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत हालांकि थोड़ी धीमी रही, लेकिन मध्यक्रम की बल्लेबाजों ने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को एक सम्मानजनक और चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। सलामी बल्लेबाजों ने पावरप्ले का फायदा उठाने की कोशिश की और कुछ आकर्षक शॉट्स खेले, लेकिन वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने शुरुआती सफलताएं हासिल कर भारत पर दबाव बनाने का प्रयास किया।
इसके बाद भारतीय मध्यक्रम ने पारी को बखूबी संभाला। मुख्य बल्लेबाजों ने न केवल विकेटों के पतझड़ को रोका, बल्कि खराब गेंदों को सीमा रेखा के बाहर भेजकर रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। अंतिम ओवरों में भारतीय लोअर-ऑर्डर की बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरे, जिसकी बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में भारतीय टीम ने बोर्ड पर एक ऐसा स्कोर टांग दिया, जिससे गेंदबाजों को खुलकर आक्रमण करने की आजादी मिल सके। वेस्टइंडीज के स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी जरूर की, लेकिन वे डेथ ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक तेवरों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे।
धारदार गेंदबाजी के सामने बेबस दिखी ‘कैरेबियाई पावर’
वेस्टइंडीज की टीम जब चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो भारतीय गेंदबाजों ने उनके पावर-हिटर्स को क्रीज पर पैर जमाने का कोई मौका नहीं दिया। भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से बेहतरीन स्विंग और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाजों को पावरप्ले में बांधकर रखा। इस दबाव का फायदा उठाते हुए भारतीय स्पिनर्स ने मिडिल ओवरों में मोर्चा संभाला और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर वेस्टइंडीज की रन गति की कमर तोड़ दी।
“अभ्यास मैच हमेशा अपनी कमियों को सुधारने और परिस्थितियों से तालमेल बिठाने का सबसे अच्छा मौका होते हैं। वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 26 रनों की यह जीत हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी निभाई और गेंदबाजों ने हमारी योजना को मैदान पर बखूबी लागू किया। मुख्य टूर्नामेंट से पहले इस तरह की जीत से पूरी टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।” – भारतीय महिला टीम की कप्तान
वेस्टइंडीज की ओर से कुछ बल्लेबाजों ने बड़े शॉट्स खेलकर मैच में वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय फील्डर्स के चुस्त प्रदर्शन और गेंदबाजों की सूझबूझ भरी विविधताओं (स्लोअर वन्स और यॉर्कर) के सामने ‘कैरेबियाई पावर’ पूरी तरह बेअसर साबित हुई। वेस्टइंडीज की पूरी टीम निर्धारित ओवरों में लक्ष्य से 26 रन पीछे रह गई।
मुख्य टूर्नामेंट से पहले टीम इंडिया का बढ़ा हौसला
यह मुकाबला भले ही एक अभ्यास मैच था, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उतरने से पहले इस तरह की व्यापक जीत टीम के संयोजन (टीम कॉम्बिनेशन) को सेट करने में बेहद मददगार साबित होती है। इस मैच के जरिए भारतीय प्रबंधन को अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने और विभिन्न गेंदबाजी विकल्पों को परखने का पूरा मौका मिला। खेल समीक्षकों का मानना है कि इस जीत से भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट की अन्य प्रतिद्वंद्वी टीमों को एक कड़ा संदेश दे दिया है कि वे खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में पूरी तरह तैयार हैं। अब भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम इंडिया इसी विजयी लय को मुख्य टूर्नामेंट में भी बरकरार रखेगी और विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी को देश लेकर आएगी।