
मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़)।
भारतीय क्रिकेट टीम ने मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ एक ऐसी ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत दर्ज की है, जिसे क्रिकेट इतिहास में सदियों तक याद रखा जाएगा। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर अफगानिस्तान को एक पारी और 300 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त दी। यह रनों और पारी के लिहाज से भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी और सबसे डोमिनेटिंग जीत है। भारतीय शेरों ने अफगानी टीम को खेल के हर विभाग में पूरी तरह पछाड़ते हुए महज तीन दिनों के भीतर ही मैच को एकतरफा अंदाज में अपने नाम कर लिया।
पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजों का प्रचंड प्रहार
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने मुल्लांपुर की पिच पर अफगानी गेंदबाजों की जमकर क्लास ली। सलामी बल्लेबाजों ने टीम को एक ठोस शुरुआत दी, जिसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। भारत ने अपनी पहली पारी 600 से अधिक रनों के विशाल स्कोर पर घोषित की।
इस पारी के दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने कई कीर्तिमान स्थापित किए। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने जहां शानदार शतक जड़े, वहीं निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी तेजी से रन बटोर कर अफगानिस्तान को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। अफगानिस्तान के मुख्य स्पिनर और तेज गेंदबाज भारतीय पिचों और बल्लेबाजों के आक्रामक तेवरों के सामने पूरी तरह बेबस और लाचार नजर आए।
भारतीय गेंदबाजों के सामने ताश के पत्तों की तरह ढही अफगानिस्तान की पारी
पहाड़ जैसे स्कोर के दबाव में उतरी अफगानिस्तान की टीम भारतीय तेज गेंदबाजों और स्पिन जोड़ी के सामने टिक नहीं सकी। पहली पारी में भारत के तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से ऐसा कहर बरपाया कि अफगानिस्तान के शुरुआती तीन विकेट महज 20 रनों के भीतर गिर गए। इसके बाद बाकी का काम भारतीय स्पिनरों ने बखूबी अंजाम दिया।
अफगानिस्तान की पहली पारी महज 150 रनों के आसपास सिमट गई। भारत की ओर से तेज गेंदबाजों ने स्विंग और सीम का बेहतरीन मुजाहिरा किया, तो वहीं स्पिनरों ने अपनी फिरकी से अफगानी बल्लेबाजों को क्रीज पर सेट होने का मौका ही नहीं दिया।
फॉलोऑन में भी बेअसर रहे अफगानी बल्लेबाज, तीन दिन में खत्म हुआ मैच
पहली पारी के आधार पर विशाल बढ़त हासिल करने के बाद भारतीय कप्तान ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया। दूसरी पारी में भी अफगानिस्तान के बल्लेबाजों की कहानी नहीं बदली। भारतीय गेंदबाजों ने और भी अधिक आक्रामकता के साथ गेंदबाजी की।
“यह जीत हमारी टीम के कड़े परिश्रम और एक स्पष्ट योजना का नतीजा है। हम विपक्षी टीम को कम आंकने की गलती नहीं करना चाहते थे। बल्लेबाजों ने बोर्ड पर बड़ा स्कोर टांगा और गेंदबाजों ने लाइन-लेंथ का शानदार प्रदर्शन किया। टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज करना बेहद गर्व का क्षण है।” – भारतीय कप्तान
दूसरी पारी में भी अफगानिस्तान के बल्लेबाज भारतीय स्पिन के चक्रव्यूह में ऐसे फंसे कि पूरी टीम दो सत्र भी नहीं खेल सकी और महज 100 से कुछ अधिक रनों पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने एक पारी और 300 रनों के रिकॉर्ड अंतर से मुकाबला जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।
रिकॉर्ड्स की झड़ी और मुल्लांपुर का ऐतिहासिक गवाह
यह मुकाबला मुल्लांपुर स्टेडियम के लिए भी बेहद खास बन गया है। नए बने इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच को इस महाजीत ने हमेशा के लिए अमर कर दिया है। इस जीत के साथ ही भारत ने टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर लिया है। खेल समीक्षकों का मानना है कि यह जीत भारतीय क्रिकेट के उस दबदबे को दर्शाती है जो उसने घरेलू मैदानों पर पिछले कई दशकों से बना रखा है। इस एकतरफा मुकाबले ने यह साबित कर दिया कि टेस्ट फॉर्मेट में टीम इंडिया को उसके घर में हराना दुनिया की किसी भी टीम के लिए लगभग असंभव है।