
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर के जिला राजकीय चिकित्सालय (टांटिया कलेक्ट्रेट रोड स्थित जिला अस्पताल) में रोजाना आने वाले हजारों मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। अस्पताल में मरीजों की लगातार बढ़ती भारी भीड़ और उसके अनुपात में कम पड़ रहे मौजूदा बुनियादी ढांचे को देखते हुए नए ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) ब्लॉक के निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की है। चिकित्सा अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को दोटूक निर्देश दिए हैं कि बचे हुए सभी तकनीकी और फिनिशिंग के कामों को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए ताकि इसी चालू महीने के भीतर इस भव्य और आधुनिक ओपीडी ब्लॉक को आम जनता की सेवा के लिए समर्पित किया जा सके।
मरीजों को मिलेगी कतारों और अव्यवस्था से मुक्ति
वर्तमान में जिला राजकीय चिकित्सालय पर श्रीगंगानगर शहर के साथ-साथ जिले भर के ग्रामीण इलाकों और पड़ोसी राज्यों (पंजाब व हरियाणा) के सीमावर्ती गांवों के मरीजों का भी भारी दबाव रहता है। मौजूदा ओपीडी ब्लॉक छोटा और पुराना होने के कारण मरीजों को भीषण गर्मी और उमस के मौसम में भी काउंटर पर पर्ची कटवाने, डॉक्टरों के कमरों के बाहर इंतजार करने और दवा लेने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि पैर रखने तक की जगह नहीं बचती, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नए ओपीडी ब्लॉक के पूरी तरह क्रियाशील (फंक्शनल) होने के बाद यह पूरी अव्यवस्था हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। नए ब्लॉक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वहां एक ही छत के नीचे अधिक संख्या में रजिस्ट्रेशन काउंटर होंगे, जिससे पर्ची कटवाने का समय आधा रह जाएगा। इसके अलावा, वेटिंग एरिया (प्रतीक्षा कक्ष) को काफी बड़ा और हवादार बनाया गया है, जहां मरीजों और उनके परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों और ठंडे पानी की व्यवस्था होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया ओपीडी ब्लॉक
नया ओपीडी ब्लॉक न केवल बड़ा है, बल्कि इसे आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और सुविधाओं के अनुसार तैयार किया जा रहा है। समीक्षा बैठक में शामिल वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि इस ब्लॉक में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों—जैसे फिजीशियन, सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, और ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग) डॉक्टरों के लिए अलग-अलग और सुसज्जित चैंबर्स बनाए गए हैं।
इसके साथ ही, नए ब्लॉक में निम्नलिखित विशेष सुविधाएं भी शामिल की जा रही हैं:
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डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम: डॉक्टरों के कमरों के बाहर टोकन नंबर के लिए डिजिटल स्क्रीन लगाई जा रही हैं, ताकि मरीजों को अपनी बारी का पता लगाने के लिए बार-बार दरवाजे पर न जाना पड़े।
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अटैच्ड डायग्नोस्टिक विंग: ओपीडी ब्लॉक के नजदीक ही प्राथमिक जांच (जैसे खून-पेशाब की जांच) और एक्स-रे काउंटर की व्यवस्था की योजना है, ताकि मरीज को डॉक्टर को दिखाने के बाद जांच के लिए अस्पताल के दूसरे छोर पर न भागना पड़े।
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दिव्यांग अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर: पूरे ब्लॉक को दिव्यांगों और व्हीलचेयर वाले मरीजों के लिए सुगम बनाया गया है, जिसके लिए रैंप और विशेष टॉयलेट्स का निर्माण किया गया है।
निर्माण एजेंसी को समय पर काम पूरा करने की डेडलाइन
अस्पताल प्रबंधन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निर्माण स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर बिजली की फिटिंग, पेंट्स और खिड़की-दरवाजों का काम बाकी पाया गया, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। चिकित्सा अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी के ठेकेदार और इंजीनियरों को सख्त हिदायत दी कि जनहित के इस बड़े प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त लेबर (मजदूर) लगाकर दिन-रात काम कराया जाए और इसी महीने के अंत तक भवन को पूरी तरह से अस्पताल प्रशासन को हैंडओवर किया जाए।
“हमारा मुख्य उद्देश्य मरीजों को बिना किसी परेशानी के सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। नया ओपीडी ब्लॉक शुरू होने से न केवल मरीजों को लंबी और थका देने वाली लाइनों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी एक बेहतर और तनावमुक्त माहौल में काम करने का अवसर मिलेगा। हम इस महीने के भीतर इसे हर हाल में शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं।” – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी / अस्पताल अधीक्षक
स्टाफ की तैनाती और मॉक ड्रिल की योजना
जैसे ही निर्माण एजेंसी इस ब्लॉक को हैंडओवर करेगी, अस्पताल प्रशासन तुरंत वहां कंप्यूटर सिस्टम, डॉक्टरों का फर्नीचर और आवश्यक चिकित्सा उपकरण शिफ्ट करने का काम शुरू कर देगा। इसके साथ ही, नए काउंटरों पर स्टाफ की तैनाती की सूची भी एडवांस में तैयार की जा रही है। नया ब्लॉक विधिवत रूप से आम जनता के लिए खोलने से ठीक एक दिन पहले एक ‘मॉक ड्रिल’ (पूर्वाभ्यास) भी किया जाएगा, ताकि उद्घाटन के दिन सॉफ्टवेयर या कतार प्रबंधन में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी सामने न आए। इस नए ब्लॉक के शुरू होने से श्रीगंगानगर के चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ा सुधारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।