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श्रीगंगानगर में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद सख्त: विशेष अभियान की शुरुआत, दो बार उठेगा कचरा, प्लास्टिक और गंदगी फैलाने वालों पर ताबड़तोड़ चालान

श्रीगंगानगर। शहर को स्वच्छ, सुंदर और डस्ट-फ्री बनाने के लिए श्रीगंगानगर नगर परिषद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शहर की चरमराती सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने और आमजन को गंदगी से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने एक बेहद कड़ा और विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर के मुख्य व्यावसायिक बाजारों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक स्वच्छता के स्तर को सुधारना और कचरा प्रबंधन को मजबूत करना है। नगर परिषद आयुक्त ने इस संबंध में विभाग के सभी आला अधिकारियों, स्वास्थ्य निरीक्षकों और सफाई प्रभारियों की एक आपात बैठक लेकर उन्हें फील्ड में उतरने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी व आर्थिक कार्रवाई करने के दोटूक निर्देश दिए हैं।

अब दिन में दो बार कचरा उठाने की अनूठी व्यवस्था

इस विशेष अभियान के तहत सबसे बड़ा बदलाव कचरा संग्रहण की टाइमिंग और फ्रीक्वेंसी में किया गया है। अब तक शहर के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय ही कचरा उठाया जाता था, जिससे दोपहर और शाम होते-होते बाजारों और सड़कों के किनारों पर दोबारा कचरे के ढेर लग जाते थे। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए नगर परिषद ने अब दिन में दो बार कचरा उठाने (ट्वाइस-ए-डे कलेक्शन) की व्यवस्था लागू कर दी है।

नियम के मुताबिक, पहला राउंड सुबह के समय लगेगा जिसमें घरेलू और व्यावसायिक कचरा इकट्ठा किया जाएगा। इसके बाद, दोपहर के समय या शाम की शिफ्ट में दूसरा विशेष राउंड लगाया जाएगा, जो मुख्य रूप से व्यापारिक क्षेत्रों, मुख्य चौराहों और अधिक भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों को कवर करेगा। इसके लिए नगर परिषद ने अपने हूपर (कचरा संग्रहण वाहनों) और सफाई कर्मचारियों के रूट चार्ट को नए सिरे से री-शेड्यूल किया है ताकि कोई भी इलाका अछूता न रहे।

सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’

इस अभियान का दूसरा और सबसे सख्त पहलू पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक लगाना है। नगर परिषद आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक और थर्माकोल से बने सामान का उपयोग करने वाले दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और थोक विक्रेताओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।

इसके लिए नगर परिषद की ओर से विशेष सतर्कता दलों (विजिलेंस टीमों) का गठन किया गया है। ये टीमें शहर के विभिन्न बाजारों—जैसे गोल बाजार, भगत सिंह चौक, पुरानी आबादी और सब्जी मंडी में अचानक औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) करेंगी। यदि किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान पर प्रतिबंधित प्लास्टिक के कैरी बैग, कप, ग्लास या प्लेट पाए जाते हैं, तो न केवल उस सामान को मौके पर ही जब्त किया जाएगा, बल्कि भारी-भरकम जुर्माने के साथ चालान काटने की कार्रवाई भी की जाएगी। बार-बार उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ दुकान सील करने तक के कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंका तो खैर नहीं: सीसीटीवी से होगी निगरानी

अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने घरों या दुकानों का कचरा डस्टबिन में डालने की बजाय सीधे सड़कों, खाली भूखंडों (प्लॉट्स) या सार्वजनिक दीवारों के पास फेंक देते हैं। इस आदत पर लगाम लगाने के लिए नगर परिषद ने अब भारी जुर्माने का प्रावधान किया है। मुख्य बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर नजर रखने के लिए सफाई निरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही, शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी कचरा फेंकने वाले ‘ब्लैक स्पॉट्स’ की निगरानी की जाएगी।

“हम शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए बुनियादी ढांचे और संसाधनों में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। लेकिन सफाई व्यवस्था को केवल सरकारी प्रयासों से नहीं सुधारा जा सकता। जब तक आम नागरिक और व्यापारी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक पूर्ण स्वच्छता मुमकिन नहीं है। जो लोग बार-बार समझाने के बाद भी शहर को गंदा करेंगे, उनके खिलाफ अब भारी जुर्माना और सख्त चालान की कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता है।” – नगर परिषद आयुक्त

वार्ड पार्षदों और आम जनता से सहयोग की अपील

अभियान को जमीनी स्तर पर पूरी तरह सफल बनाने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने शहर के सभी वार्ड पार्षदों, सामाजिक संस्थाओं और व्यापार मंडलों से भी सहयोग मांगा है। पार्षदों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने वार्डों में लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने (सोर्स सेग्रीगेशन) के लिए जागरूक करें।

नगर परिषद ने साफ किया है कि इस अभियान का असर कुछ ही दिनों में शहर की सड़कों पर नजर आने लगेगा। प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी क्षेत्र में कचरा समय पर नहीं उठा या सफाईकर्मियों की लापरवाही सामने आई, तो संबंधित क्षेत्र के सफाई नायक और स्वास्थ्य निरीक्षक की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ भी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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