
श्रीगंगानगर।
श्रीगंगानगर जिले में नकली और मिलावटी कृषि आदानों (खाद-बीज) का धंधा करने वाले माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त सर्जिकल स्ट्राइक की है। क्षेत्र के किसानों द्वारा लंबे समय से मिल रही शिकायतों और उनके हितों को सर्वोपरि रखते हुए, राज्य के कृषि एवं राहत मंत्री ने अपनी विशेष टीम के साथ श्रीगंगानगर के स्थानीय औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित खाद-बीज बनाने व भंडारण करने वाले गोदामों पर अचानक (औचक) छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से पूरे जिले के कृषि व्यापारियों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट और सब-स्टैंडर्ड (अमानक) खाद-बीज तैयार किए जाने के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है।
आधी रात को सीक्रेट प्लान के तहत हुई कार्रवाई
श्रीगंगानगर जिला जिसे राजस्थान का ‘अन्नकटोरा’ कहा जाता है, वहां के किसानों ने शिकायत की थी कि बाजार में नामी कंपनियों के नाम पर नकली बीज और मिलावटी रासायनिक खाद बेची जा रही है, जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि मंत्री ने स्थानीय स्तर पर सूचना लीक होने के डर से जयपुर से ही एक विशेष विजिलेंस टीम तैयार की।
बिना किसी पूर्व सूचना या स्थानीय पुलिस को भनक लगे, मंत्री खुद देर शाम श्रीगंगानगर पहुंचे और तड़के ही संदिग्ध गोदामों पर अचानक धावा बोल दिया। जब प्रशासनिक अमला गोदामों के भीतर दाखिल हुआ, तो वहां का नजारा देखकर खुद कृषि विभाग के उच्च अधिकारी हैरान रह गए।
नामी ब्रांड्स के नकली रैपर और पैकिंग मशीनें जब्त
जांच के दौरान पाया गया कि गोदामों के भीतर बेहद शातिर तरीके से अवैध रूप से यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था। घटिया क्वालिटी के स्थानीय अनाज और रसायनों को पीसकर उन्हें देश की नामी और विश्वसनीय कंपनियों के हुबहू नकली पैकेटों और बोरियों में पैक किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान मौके से निम्नलिखित सामग्रियां बरामद की गईं:
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हजारों की संख्या में नामी कंपनियों के खाली डुप्लीकेट बारदाने (बोरियां) और रैपर्स।
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खाद में मिलाने के लिए इस्तेमाल होने वाला घटिया बेस पाउडर और रंग।
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बोरियों को री-पैकिंग और सील करने वाली आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीनें।
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बिना किसी वैध लाइसेंस या बिल-वाउचर के स्टोर किया गया भारी मात्रा में कच्चा माल।
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर मौजूद कई टन संदिग्ध खाद और बीज के स्टॉक को पूरी तरह से सील (जब्त) कर दिया है। कृषि विभाग के विशेषज्ञों की मौजूदगी में इन उत्पादों के दर्जनों सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें तत्काल जांच के लिए राज्य की केंद्रीय प्रयोगशाला (लैब) भेजा गया है।
किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं: कृषि मंत्री
इस बड़ी कार्रवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए कृषि व राहत मंत्री ने मिलावटखोरों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने साफ किया कि जो लोग चंद रुपयों के लालच में हमारे देश के अन्नदाता के खून-पसीने की कमाई और उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कृषि मंत्री का कड़ा रुख: “श्रीगंगानगर का किसान पूरे देश का पेट भरता है। उनके साथ नकली खाद और बीज के नाम पर यह धोखाधड़ी सीधे तौर पर एक राष्ट्रविरोधी अपराध है। इस काले धंधे में शामिल गोदाम मालिकों, डीलरों और अगर विभाग का कोई अधिकारी भी इसमें मिला हुआ पाया गया, तो उस पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रासुका (NSA) जैसी सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है।”
गोदाम सील, मालिकों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज
कृषि विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय प्रशासन ने संबंधित गोदामों को पूरी तरह सील कर दिया है। गोदाम मालिकों और इस रैकेट के मुख्य संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी, आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और कृषि इनपुट नियंत्रण आदेशों के उल्लंघन के तहत गंभीर व गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है और उन्होंने उम्मीद जताई है कि अब उन्हें शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद मिल सकेंगे।