
श्रीगंगानगर।
राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में जिला पुलिस ने नशा तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने बेहद गुप्त इनपुट के आधार पर एक बेहद शातिर और खतरनाक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस पूरी कार्रवाई को पुलिस ने किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की तरह अंजाम दिया, जिसमें तस्करों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जाल बिछाकर न सिर्फ मुख्य सरगनाओं को दबोचा, बल्कि उनके पास से आधुनिक हथियार और करोड़ों रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों की भारी खेप भी बरामद की है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया ‘फिल्मी’ जाल
पुलिस को पिछले काफी समय से खुफिया सूत्रों से यह जानकारी मिल रही थी कि श्रीगंगानगर के रास्ते देश के आंतरिक हिस्सों में ड्रग्स की एक बहुत बड़ी खेप सप्लाई होने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया।
तस्करों को भनक न लगे, इसके लिए पुलिस ने सादे कपड़ों में संदिग्ध ठिकानों की रेकी शुरू की। जैसे ही तस्करों की लोकेशन ट्रेस हुई, पुलिस ने सुनियोजित तरीके से इलाके की नाकाबंदी कर दी। जब तस्करों की संदिग्ध गाड़ियों को रुकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने फिल्मी अंदाज में उनकी गाड़ियों को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को चारों ओर से घिरा देख तस्करों ने सरेंडर कर दिया।
हथियारों का जखीरा और करोड़ों की ड्रग्स बरामद
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों के वाहनों और ठिकानों की गहन तलाशी ली गई, तो वहां मौजूद सामान को देखकर खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। पुलिस अधीक्षक (SP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तस्करों के पास से भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स बरामद किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
इसके साथ ही, तस्करों के पास से अवैध अत्याधुनिक हथियार, जिंदा कारतूस और विदेशी करेंसी भी बरामद हुई है। इन हथियारों का इस्तेमाल तस्कर अपनी सुरक्षा और गैंगवार के लिए करते थे। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल होने वाली लग्जरी गाड़ियों और कई वीआईपी नंबर प्लेट्स को भी जब्त किया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हैं गिरोह के तार
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि यह महज कोई स्थानीय गैंग नहीं है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह साफ हो गया है कि इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफियाओं और हैंडलर्स से सीधे जुड़े हुए हैं। यह नेटवर्क विदेशों से मादक पदार्थों की खेप मंगवाकर उसे देश के अलग-अलग राज्यों, खासकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के युवाओं तक सप्लाई करता था।
पुलिस अधीक्षक का बयान: “यह केवल ड्रग्स की बरामदगी का मामला नहीं है, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। इस रैकेट के पीछे जो बड़े फाइनेंसर और अंतरराष्ट्रीय हैंडलर्स बैठे हैं, हम उन तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। तस्करों के मोबाइल डेटा और बैंक खातों को खंगाला जा रहा है ताकि पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद किया जा सके।”
पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
फिलहाल, पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें रिमांड पर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि स्थानीय स्तर पर इन्हें कौन पनाह दे रहा था और इस काले कारोबार से कमाए गए पैसे (ड्रग मनी) को कहां इन्वेस्ट किया जा रहा था। इस बड़ी कामयाबी के बाद स्थानीय जनता ने भी श्रीगंगानगर पुलिस की मुस्तैदी की सराहना की है, क्योंकि इस कार्रवाई से क्षेत्र के हजारों युवाओं को नशे के दलदल में धंसने से बचा लिया गया है।