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हार के बावजूद छाए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी: सचिन और संगकारा ने बताया भारतीय क्रिकेट का भविष्य, शतक चूकने पर मैदान में ही छलके आंसू

अहमदाबाद। आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-2 में भले ही राजस्थान रॉयल्स का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया हो, लेकिन इस मैच ने दुनिया को क्रिकेट का एक नया ‘वंडर किड’ दे दिया है। गुजरात टाइटन्स के खिलाफ मिली हार के बाद जहां राजस्थान का खेमा मायूस था, वहीं पूरी दुनिया की नजरें राजस्थान के महज 15 साल के युवा खब्बू बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जब बड़े-बड़े दिग्गज दबाव में बिखर रहे थे, तब इस किशोर ने अपनी बेखौफ और तूफानी बल्लेबाजी से न सिर्फ गुजरात के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत को अपना मुरीद बना लिया। वैभव ने अपनी इस ऐतिहासिक पारी से यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती।

महज 47 गेंदों पर 96 रनों का ‘तूफान’, मैदान के चारों तरफ लगाए शॉट्स

क्वालिफायर-2 के इस बेहद दबाव वाले मुकाबले में जब राजस्थान रॉयल्स ने अपने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए थे, तब नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने आते ही काउंटर-अटैक शुरू कर दिया। उन्होंने गुजरात के अनुभवी तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स के खिलाफ किसी तरह का डर नहीं दिखाया।

वैभव ने मैदान पर कदम रखते ही अपने इरादे साफ कर दिए और महज 47 गेंदों पर 96 रनों की एक अति-आतिशी पारी खेल डाली। अपनी इस जादुई पारी के दौरान वैभव के बल्ले से 8 कड़क चौके और 7 गगनचुंबी छक्के निकले। उनकी टाइमिंग और शॉट्स में वह परिपक्वता नजर आ रही थी जो किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के सीनियर खिलाड़ी में होती है। उन्होंने राशिद खान जैसे दिग्गज स्पिनर की गेंदों पर भी आसानी से हवाई शॉट खेले, जिसे देखकर स्टेडियम में बैठे दर्शक दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो गए।

लगातार दूसरी बार नर्वस नाइंटीज का शिकार, मैदान पर ही रो पड़े वैभव

क्रिकेट फैंस को उम्मीद थी कि यह युवा सनसनी आईपीएल के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम करेगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जब वैभव अपने शतक से महज 4 रन दूर यानी 96 रन पर खेल रहे थे, तभी एक बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह बाउंड्री लाइन पर कैच आउट हो गए।

लगातार दूसरी बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90 से 100 के बीच) का शिकार होने और शतक से चूकने का दर्द इस युवा खिलाड़ी के चेहरे पर साफ देखा जा सकता था। आउट होने के बाद वैभव बेहद भावुक हो गए और मैदान पर ही उनके आंसू छलक पड़े। हालांकि, जब वह पवेलियन की तरफ लौट रहे थे, तब विरोधी टीम गुजरात टाइटन्स के खिलाड़ियों और पूरे स्टेडियम ने खड़े होकर तालियों (Stand-Ovation) के साथ इस युवा शेर का स्वागत किया।

सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा ने की जमकर तारीफ

वैभव सूर्यवंशी की इस अद्भुत पारी ने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को भी ट्वीट करने पर मजबूर कर दिया। सचिन ने वैभव की तारीफ करते हुए लिखा:

“15 साल की उम्र में, इतने बड़े मंच पर और ऐसे दबाव वाले मैच में इस तरह की बेखौफ बल्लेबाजी देखना अपने आप में चमत्कारी है। वैभव के पास बेहतरीन टाइमिंग और कमाल का क्रिकेटिंग माइंड है। वह भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार हैं।”

वहीं, राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच और दिग्गज श्रीलंकाई बल्लेबाज कुमार संगकारा ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव की पीठ थपथपाते हुए कहा कि शतक न बन पाने से वैभव को निराश होने की जरूरत नहीं है। संगकारा ने कहा, “वैभव एक अनमोल हीरा है। 15 साल की उम्र में उसने जो परिपक्वता दिखाई है, वह अविश्वसनीय है। शतक छूटना खेल का हिस्सा है, लेकिन उसने जिस तरह टीम को संभाला और मैच का रुख पलटा, हमारे लिए वही सबसे बड़ा शतक है। उसका भविष्य बेहद उज्ज्वल है।”

भले ही राजस्थान रॉयल्स यह मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई हो, लेकिन वैभव सूर्यवंशी के रूप में उन्हें और पूरे भारत को एक ऐसा बल्लेबाज मिल गया है जो आने वाले समय में विश्व क्रिकेट पर राज करने का दम रखता है।

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