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श्रीगंगानगर में सनसनीखेज वारदात: केमिस्ट अपहरण और मर्डर केस का पर्दाफाश, महिला और उसके बेटों सहित 6 गिरफ्तार

श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था और मानवीय रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के एक स्थानीय दवा दुकान संचालक (केमिस्ट) के अचानक हुए अपहरण और उसके बाद बेरहमी से की गई हत्या की गुत्थी को श्रीगंगानगर जिला पुलिस ने पूरी तरह से सुलझा लिया है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने एक महिला, उसके बेटों और सहयोगियों समेत कुल 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने न केवल शहर के व्यापारियों में फैले आक्रोश को शांत किया है, बल्कि इस अंधे कत्ल की साजिश के पीछे छुपे पारिवारिक और आपसी रंजिश के काले सच को भी समाज के सामने ला खड़ा किया है।

लिव-इन रिलेशनशिप, रंजिश और कत्ल का ताना-बाना

पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि इस पूरे हत्याकांड की जड़ें आपसी विवाद, धोखेबाज़ी और रंजिश से जुड़ी हुई थीं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार की गई मुख्य आरोपी महिला पिछले काफी समय से मृतक केमिस्ट के साथ लिव-इन रिलेशनशिप (बिना शादी के साथ रहना) में रह रही थी।

शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक-ठाक रहने के बाद, पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और व्यक्तिगत कारणों को लेकर गंभीर विवाद शुरू हो गए थे। यह रोज-रोज का झगड़ा इस हद तक बढ़ गया कि महिला ने केमिस्ट को अपने रास्ते से हटाने का मन बना लिया। इस खौफनाक साजिश में उसने अपने ही बेटों और कुछ स्थानीय अपराधियों को शामिल किया, जिन्हें पैसों का लालच और पारिवारिक प्रतिष्ठा का हवाला देकर इस जघन्य अपराध के लिए तैयार किया गया।

अपहरण से लेकर हत्या तक: कैसे दी वारदात को अंजाम?

वारदात वाले दिन योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। केमिस्ट जब अपनी दुकान से घर लौट रहा था, तभी सुनसान रास्ते पर आरोपियों ने उसकी गाड़ी को रोक लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, हथियारों से लैस बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे एक अज्ञात सुनसान ठिकाने पर ले गए।

वहां आरोपियों ने पहले केमिस्ट के साथ मारपीट की और फिर गला घोंटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। साक्ष्य (सबूत) मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की भी पूरी कोशिश की, ताकि यह मामला एक सामान्य गुमशुदगी या दुर्घटना का रूप ले सके। बुधवार रात और गुरुवार सुबह तक चली इस धरपकड़ में पुलिस ने कड़ियों से कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य महिला आरोपी और उसके बेटों को दबोच लिया।

पुलिस का विशेष ऑपरेशन और तकनीकी सर्विलांस

केमिस्ट के अचानक लापता होने और परिजनों द्वारा अनहोनी की आशंका जताए जाने के तुरंत बाद श्रीगंगानगर पुलिस महकमा सतर्क हो गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम का गठन किया।

[घटनाक्रम की कड़ियां] 
परिजनों की शिकायत ➔ मोबाइल टावर लोकेशन ट्रैकिंग ➔ संदिग्धों से पूछताछ ➔ 6 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाली और अंतिम बार जिन नंबरों से बातचीत हुई थी, उन्हें ट्रेस करना शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को महिला और उसके बेटों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पुख्ता इनपुट मिले। जब पुलिस की टीम ने महिला और उसके बेटों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वे ज्यादा देर तक अपनी कहानियों में पुलिस को उलझा नहीं पाए और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में शामिल अन्य सहयोगियों को भी अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया।

व्यापारिक संगठनों में आक्रोश और पुलिस की पीठ थपथपाई

इस वारदात के बाद स्थानीय दवा व्यापारियों और केमिस्ट एसोसिएशन में गहरा रोष व्याप्त था। व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी और चेतावनी दी थी कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। हालांकि, पुलिस द्वारा महज 24 से 36 घंटों के भीतर पूरी गुत्थी सुलझा लेने और सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लेने के बाद व्यापारिक संगठनों ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी की सराहना की है।

पुलिस अब पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन, हथियार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को बरामद किया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितनी भी चालाकी से क्यों न रचा गया हो, कानून के हाथ अंततः गुनहगारों के गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं।

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