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नौतपा के तीखे तेवर: श्रीगंगानगर में भीषण गर्मी के बीच बिजली और पेयजल आपूर्ति को लेकर प्रशासन सख्त, मॉनिटरिंग के लिए बनीं विशेष टीमें

श्रीगंगानगर, 25 मई 2026

श्रीगंगानगर जिले में आज से शुरू हुए ‘नौतपा’ के पहले ही दिन सूरज के तल्ख तेवरों ने आम जनजीवन को झुलसा कर रख दिया है। पारा 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाने के बाद जिले में भीषण लू (Severe Heatwave) का दौर जारी है। इस जानलेवा गर्मी के बीच नागरिकों को सबसे ज्यादा जरूरत बिजली और पानी की है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।

बढ़ते तापमान के कारण जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली और पानी की मांग अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इस भारी संकट से निपटने और आमजन को राहत पहुंचाने के लिए जिला कलेक्टर ने जलदाय विभाग (PHED) और विद्युत वितरण निगम (Discom) के अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन समीक्षा बैठक की। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस विकट मौसम में पानी की बर्बादी और बिजली की अघोषित कटौती को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जलदाय विभाग को निर्देश: हर घर तक पहुंचे शुद्ध पेयजल

गर्मी के मौसम में श्रीगंगानगर के कई टेल-एंड (अंतिम छोर) वाले गांवों और ढाणियों में पानी का संकट गहरा जाता है। इसे रोकने के लिए जलदाय विभाग के अभियंतों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं:

  • निर्बाध जल आपूर्ति: सभी शहरी और ग्रामीण जल योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने और पाइपलाइनों में पर्याप्त प्रेशर के साथ पानी की सप्लाई करने को कहा गया है, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।

  • टैंकरों से सप्लाई की व्यवस्था: जिन दूर-दराज के इलाकों या कॉलोनियों में पाइपलाइन की सुविधा नहीं है या पानी का दबाव कम है, वहां तुरंत प्रभाव से टैंकरों के माध्यम से निशुल्क पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।

  • अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई: पानी की चोरी और मुख्य लाइनों में अवैध बूस्टर (टुल्लू पंप) लगाकर पानी खींचने वालों के खिलाफ विभाग ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। ऐसे लोगों के खिलाफ चालान काटने और पंप जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिजली डिस्कॉम की टीमें अलर्ट: फीडरों की 24 घंटे निगरानी

तापमान 46 डिग्री के पार जाने से घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) और कूलर्स का उपयोग लगातार बढ़ गया है। इस अत्यधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मरों के जलने और ट्रिपिंग की समस्याएं अचानक बढ़ गई हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए जोधपुर डिस्कॉम ने अपनी रणनीति तैयार की है:

  1. कंट्रोल रूम की स्थापना: जिला मुख्यालय और उपखंड स्तर पर 24 घंटे काम करने वाले विशेष बिजली कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

  2. लोड मैनेजमेंट और फीडर मॉनिटरिंग: भारी लोड के कारण होने वाली अघोषित बिजली कटौती को रोकने के लिए डिस्कॉम की तकनीकी टीमें लगातार पावर सब-स्टेशनों और फीडरों की डिजिटल व जमीनी स्तर पर निगरानी कर रही हैं।

  3. अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का स्टॉक: प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी क्षेत्र में ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर फुंकता है, तो उसे अधिकतम 2 से 4 घंटे के भीतर बदला जाए। इसके लिए उपखंड कार्यालयों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर और तकनीकी स्टाफ को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

जिला कलेक्टर ने खुद संभाली कमान, आमजन से सहयोग की अपील

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि उपखंड अधिकारियों (SDMs) और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में पानी-बिजली की स्थिति पर सीधी नजर रखने को कहा गया है। वे रोजाना शाम को जिला मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

प्रशासन की जनता से अपील: “यह समय एक बड़े प्राकृतिक संकट (भीषण गर्मी) का सामना करने का है। हम निर्बाध आपूर्ति के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नागरिकों को भी जिम्मेदारी समझनी होगी। पानी का बिल्कुल दुरुपयोग न करें, छतों या गाड़ियों को धोने में पानी बर्बाद न करें। साथ ही, बिजली की बचत करें और बिना जरूरत के उपकरणों को बंद रखें ताकि सिस्टम पर लोड कम हो सके।”

आगामी तीन-चार दिनों तक मौसम विभाग ने गर्मी के और प्रचंड होने की चेतावनी दी है। ऐसे में प्रशासन की यह मुस्तैदी श्रीगंगानगर के नागरिकों को इस तपते ‘नौतपा’ में बड़ी राहत दे सकती है। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि बिजली-पानी के संकट से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति या हीटस्ट्रोक के मामलों से तुरंत निपटा जा सके।

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