
श्रीगंगानगर/श्रीबिजयनगर। श्रीगंगानगर जिले के श्रीबिजयनगर थाना क्षेत्र में पिछले चार दिनों से चल रही एक बुजुर्ग महिला की तलाश का अंत बेहद दुखद और सनसनीखेज तरीके से हुआ। सोमवार को क्षेत्र के 36 जीबी बस स्टैंड के समीप रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। बाद में महिला की शिनाख्त लापता वृद्धा के रूप में हुई। शव की स्थिति और शरीर से गहनों की गुमशुदगी ने पुलिस प्रशासन के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार दिनों से चल रही थी तलाश
जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग महिला पिछले चार दिनों से अपने घर से रहस्यमय तरीके से लापता थी। परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभावित स्थान, रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहाँ महिला की तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अंततः थक-हारकर परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस और ग्रामीण लगातार महिला की खोजबीन में जुटे थे, लेकिन सोमवार की दोपहर एक हृदयविदारक खबर लेकर आई।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव
सोमवार को ग्रामीणों ने 36 जीबी बस स्टैंड के पास रेलवे लाइन के किनारे एक महिला का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही श्रीबिजयनगर पुलिस की टीम और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मौके पर मौजूद लोगों और लापता महिला के परिजनों ने मृतका के कपड़ों और शारीरिक बनावट के आधार पर उसकी पहचान कर ली।
घटनास्थल का दृश्य काफी विचलित करने वाला था। शव रेलवे ट्रैक के बिल्कुल करीब झाड़ियों और मिट्टी के बीच पड़ा था। हालांकि, पहली नजर में यह मामला रेल की चपेट में आने का लग सकता था, लेकिन घटनास्थल के निरीक्षण ने पुलिस को चौंका दिया।
सोने का कंगन गायब: लूट या रंजिश?
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी और पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक बहुत बड़ा सुराग सामने आया है। परिजनों का कहना है कि जब बुजुर्ग महिला घर से निकली थी, तब उसके हाथों में सोने के कंगन थे। लेकिन जब शव मिला, तो उसके एक हाथ से सोने का कंगन गायब था।
गहनों की इस गुमशुदगी ने मामले को संदिग्ध बना दिया है। क्या किसी ने कंगन लूटने के इरादे से महिला की हत्या कर शव को पटरी के पास फेंक दिया? या फिर महिला किसी दुर्घटना का शिकार हुई और उसके बाद किसी ने मौके का फायदा उठाकर गहने पार कर दिए? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अब पुलिस तलाश रही है।
पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच के बिंदु
सूचना मिलते ही पुलिस के उच्च अधिकारियों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) टीम और डॉग स्क्वायड की सहायता लेने पर भी विचार किया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच मुख्य रूप से दो प्रमुख कोणों (Angles) से कर रही है:
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हत्या और लूट: क्या महिला को सुनसान जगह देखकर किसी अपराधी ने निशाना बनाया? कंगन का गायब होना इस थ्योरी को मजबूती देता है कि महिला के साथ पहले लूटपाट हुई और पहचान छुपाने या विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई।
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ट्रेन दुर्घटना: क्या महिला मानसिक रूप से परेशान थी या रास्ता भटकने के कारण ट्रेन की चपेट में आ गई? यदि यह दुर्घटना है, तो शव के पास से गहने गायब होना एक अलग अपराध की ओर इशारा करता है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शव की शिनाख्त होने के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
निष्कर्ष
श्रीबिजयनगर पुलिस ने शव को स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां मेडिकल बोर्ड से उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों (जैसे चोट के निशान या गला घोंटने के संकेत) का खुलासा हो पाएगा। जिले में बढ़ती ऐसी संदिग्ध घटनाएं पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाती हैं।
पुलिस का कहना है कि वे इलाके के सीसीटीवी कैमरों और मृतका के मोबाइल (यदि पास था) की लोकेशन की जांच कर रहे हैं। आने वाले 24 घंटे इस गुत्थी को सुलझाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।