
श्रीगंगानगर। राजस्थान का उत्तरी जिला श्रीगंगानगर, जो अपनी भीषण गर्मी और तपते पारे के लिए देशभर में जाना जाता है, वहां पिछले कुछ दिनों से सूर्यदेव के तीखे तेवर लोगों का जीना मुहाल कर रहे थे। लेकिन सोमवार और मंगलवार (11-12 मई) को प्रकृति ने करवट ली और भीषण लू (Heatwave) के बीच मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। धूलभरी आंधी के साथ हुई हल्की बारिश और छिटपुट ओलावृष्टि ने तपते शहर को थोड़ी ठंडक प्रदान की है।
गर्मी का प्रचंड रूप: 43°C तक पहुँचा पारा
मई का महीना शुरू होते ही श्रीगंगानगर में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया था। पिछले एक हफ्ते से जिले का अधिकतम तापमान लगातार 43°C के आसपास बना हुआ था। दोपहर के समय सड़कें सूनी हो जाती थीं और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों के कारण लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया था। पंखे और कूलर भी फेल साबित हो रहे थे, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त था।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: अचानक बदली फिजा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हुआ है। इसका सीधा असर श्रीगंगानगर और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में देखने को मिला। सोमवार दोपहर बाद अचानक आसमान में धूल का गुबार छा गया और तेज रफ्तार से अंधड़ (Dust Storm) चलने लगा। देखते ही देखते घने काले बादलों ने सूरज को ढंक लिया और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई।
जिले के कुछ ग्रामीण इलाकों और उपखंडों में हल्की ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है। हालांकि ओलों का आकार छोटा था, लेकिन इससे वातावरण के तापमान में अचानक 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे शाम के समय मौसम सुहावना हो गया।
आम जनजीवन और कृषि पर प्रभाव
मौसम के इस अचानक बदलाव ने शहरवासियों को झुलसाने वाली गर्मी से अस्थायी राहत तो दी है, लेकिन यह बदलाव किसानों के लिए चिंता और राहत दोनों लेकर आया है।
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राहत: गर्मी कम होने से लोगों ने चैन की सांस ली है। पार्कों और बाजारों में शाम के समय फिर से रौनक दिखाई देने लगी है।
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चिंता: जिन किसानों की फसलें अभी भी खेतों में कटी हुई पड़ी हैं या मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखी हैं, उनके लिए यह बारिश आफत बन सकती है। ओलावृष्टि से कुछ बागवानी फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है।
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बिजली संकट: तेज आंधी के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली के पोल गिरने और लाइनें टूटने की खबरें आई हैं, जिससे घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण
जयपुर मौसम केंद्र (IMD) ने श्रीगंगानगर और आसपास के जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक मौसम इसी तरह का बना रह सकता है।
“पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है।” – मौसम अधिकारी
प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें। साथ ही, आमजन को आंधी के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की हिदायत दी गई है।
निष्कर्ष
प्रकृति का यह विरोधाभासी रूप श्रीगंगानगर के लिए नया नहीं है, जहाँ सुबह लू चलती है और शाम को आंधी-बारिश का दौर शुरू हो जाता है। फिलहाल, इस ‘प्री-मानसून’ हलचल ने लोगों को चिलचिलाती धूप से बचा लिया है, लेकिन सभी की निगाहें अब मौसम के अगले रुख पर टिकी हैं कि क्या यह राहत बरकरार रहेगी या गर्मी फिर से अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ेगी।