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सरहद पर नकेल: श्रीकरणपुर सीमा पर बड़ी कार्रवाई, 5 करोड़ की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार

श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित श्रीगंगानगर जिले का श्रीकरणपुर सेक्टर एक बार फिर सुर्खियों में है। यहाँ सुरक्षा एजेंसियों ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक संयुक्त ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिल्कुल नजदीक से करोड़ों रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की गई है। यह कार्रवाई न केवल नशे के खिलाफ अभियान में एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और तस्करी के मंसूबों पर एक करारा प्रहार भी है।

ऑपरेशन की रणनीति और बरामदगी

सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ANTF को पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की खुफिया सूचना मिल रही थी। इस सूचना के आधार पर BSF की स्थानीय बटालियन के साथ मिलकर एक जाल बिछाया गया। 27 अप्रैल 2026 की अलसुबह, जब पूरी सीमा धुंध और अंधेरे की चादर में लिपटी थी, श्रीकरणपुर के सीमावर्ती गांव के पास कुछ संदिग्ध हलचल देखी गई।

सुरक्षा घेरे को मजबूत करते हुए जवानों ने इलाके की घेराबंदी की। तलाशी के दौरान झाड़ियों में छिपाकर रखे गए पैकेट बरामद हुए। जब इनकी जांच की गई, तो उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन पाई गई। बरामद की गई हेरोइन का वजन लगभग एक किलोग्राम से अधिक बताया जा रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है।

तस्कर की गिरफ्तारी और नेटवर्क का खुलासा

इस ऑपरेशन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी एक स्थानीय तस्कर की गिरफ्तारी रही। सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर एक युवक को दबोचा, जो सीमा पार से गिराई गई इस खेप को रिसीव करने आया था। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि तस्कर का संपर्क सीमा पार बैठे हैंडलर्स से था।

“यह केवल एक खेप की बरामदगी नहीं है, बल्कि एक पूरे सिंडिकेट को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह नशा पंजाब या दिल्ली के किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।” – एक वरिष्ठ ANTF अधिकारी

ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल और चुनौती

पिछले कुछ समय में सीमा पार से नशे की तस्करी के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है। हालांकि, इस मामले में जांच की जा रही है कि क्या यह खेप ड्रोन के जरिए गिराई गई थी या कंसाइनमेंट को तारबंदी के ऊपर से फेंका गया था। श्रीकरणपुर और रायसिंहनगर जैसे इलाके अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण तस्करों के सॉफ्ट टारगेट रहते हैं, लेकिन BSF की मुस्तैदी ने हाल के महीनों में कई ऐसे प्रयासों को विफल किया है।

नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’

श्रीगंगानगर जिला प्रशासन और पुलिस पिछले काफी समय से ‘नशा मुक्त श्रीगंगानगर’ अभियान चला रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने की साजिशों को नाकाम करने के लिए पुलिस अब खुफिया तंत्र को और मजबूत कर रही है। पकड़े गए तस्कर से बरामद मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स के आधार पर कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

क्षेत्र में सुरक्षा और सतर्कता

इस बड़ी बरामदगी के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सतर्कता और बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती गांवों में ‘विलेज डिफेंस कमेटियों’ (VDC) को सक्रिय कर दिया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे रात के समय किसी भी अज्ञात व्यक्ति या ड्रोन की आवाज सुनाई देने पर तुरंत सुरक्षा बलों को सूचित करें।

यह कार्रवाई दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां अब केवल बचाव की मुद्रा में नहीं हैं, बल्कि वे प्रो-एक्टिव होकर तस्करों के नेटवर्क की जड़ पर वार कर रही हैं। 5 करोड़ की हेरोइन की यह जब्ती उन लोगों के लिए कड़ी चेतावनी है जो देश की सीमाओं का इस्तेमाल अवैध व्यापार के लिए करना चाहते हैं।

प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में सीमावर्ती इलाकों में गश्त और सर्च ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे ताकि नशे की इस सप्लाई लाइन को हमेशा के लिए काटा जा सके।

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