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कर्तव्य पथ पर शहादत: श्रीगंगानगर में बेकाबू कार ने पुलिस गश्ती जीप को रौंदा, एक अधिकारी की मौत, दो जवान गंभीर

श्रीगंगानगर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर से एक हृदयविदारक समाचार सामने आया है, जहाँ देर रात एक भीषण सड़क हादसे में खाकी ने अपना एक जांबाज सिपाही खो दिया। शहर के बाहरी इलाके में गश्त के दौरान एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने पुलिस की पीसीआर वैन (गश्ती जीप) को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि जीप के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी जवान जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।


आधी रात का वो भयावह मंजर

जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे घटित हुआ। श्रीगंगानगर शहर और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की टीम रूटीन गश्त पर थी। पुलिस की जीप अपनी नियत गति से सड़क के किनारे चल रही थी, तभी सामने से आ रही एक सफेद रंग की लग्जरी कार, जो अत्यधिक तेज रफ्तार में थी, अचानक अपना संतुलन खो बैठी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और कार सीधे पुलिस जीप के चालक वाली साइड से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई। जीप सड़क किनारे लगे एक खंभे से टकराकर पलट गई और लोहे का ढांचा पूरी तरह पिचक गया।

मौके पर ही थम गई सांसें

जीप के अगले हिस्से में सवार पुलिस अधिकारी (एएसआई स्तर के अधिकारी बताए जा रहे हैं) कार और जीप के बीच बुरी तरह दब गए। राहगीरों और सूचना पाकर मौके पर पहुँची अन्य गश्ती टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटनास्थल पर चारों ओर बिखरा खून और जीप का मलबा हादसे की भयावहता को बयां कर रहा था।

जीप में सवार अन्य दो कांस्टेबल भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

आरोपी कार चालक की लापरवाही

हादसे को अंजाम देने वाली कार का चालक भी इस भिड़ंत में चोटिल हुआ है, जिसे पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि कार चालक शायद नशे की हालत में था या उसे झपकी आ गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और कार के टायर के निशानों (Skid Marks) से यह स्पष्ट हो रहा है कि चालक ने टकराने से पहले ब्रेक लगाने की कोशिश तो की, लेकिन गति बहुत अधिक होने के कारण वह सफल नहीं हो पाया।

पुलिस महकमे में शोक की लहर

इस घटना की खबर मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक (SP) सहित आला अधिकारी रात में ही अस्पताल और घटनास्थल पर पहुँचे। अपने साथी को खोने का गम हर पुलिसकर्मी की आँखों में साफ देखा जा सकता था। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद अधिकारी के परिजनों को सूचित कर दिया है और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

पुलिस अधीक्षक ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा:

“यह हमारे विभाग के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। हमारे अधिकारी पूरी निष्ठा के साथ रात में नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैनात थे। आरोपी कार चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।”

बढ़ते सड़क हादसों पर सवाल

श्रीगंगानगर और आसपास के हाईवे पर रात के समय ओवरस्पीडिंग और ड्रंक एंड ड्राइविंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यह हादसा एक बार फिर प्रशासन को यह सोचने पर मजबूर करता है कि रात के समय सड़कों पर बेकाबू दौड़ते वाहनों पर अंकुश कैसे लगाया जाए।

फिलहाल, मृतक अधिकारी का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जहाँ पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच को तेज कर दिया है।


निष्कर्ष: एक पुलिस अधिकारी की मौत केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं है, बल्कि एक पूरे परिवार के सहारे का अंत और समाज की सुरक्षा की एक दीवार का गिरना है। श्रीगंगानगर का यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सड़क पर एक व्यक्ति की छोटी सी लापरवाही किसी निर्दोष की जान ले सकती है। पुलिस अब कार के डैशकैम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे की सटीक कड़ियों को जोड़ा जा सके।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️