
श्रीगंगानगर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के रावला थाना क्षेत्र से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवता और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को झकझोर कर रख दिया है। रावला के गांव 8 DOL में एक छोटे भाई ने जमीन के मामूली विवाद के चलते अपनी ही सगी बड़ी बहन की कुल्हाड़ी से काटकर नृशंस हत्या कर दी। यह घटना न केवल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि रिश्तों के बीच बढ़ती कड़वाहट और हिंसक प्रवृत्ति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
वारदात का पूरा घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह खूनी संघर्ष शनिवार सुबह गांव 8 DOL में घटित हुआ। आरोपी की पहचान सुरेंद्र के रूप में हुई है, जबकि मृतका उसकी सगी बड़ी बहन मंजू थी। बताया जा रहा है कि पिछले काफी समय से परिवार में पैतृक जमीन के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर तनाव चल रहा था। मंजू अपनी जमीन पर अपना हक जता रही थी, जो सुरेंद्र को नागवार गुजर रहा था।
शनिवार सुबह इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सुरेंद्र अपना आपा खो बैठा। वह घर के भीतर से लकड़ी काटने वाली कुल्हाड़ी उठा लाया और अपनी बहन पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। मंजू को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ी। अधिक खून बह जाने और सिर पर गहरे घाव होने के कारण मंजू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हैरान करने वाला व्यवहार: शव के पास बैठा रहा हत्यारा
इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी भाई का व्यवहार रही। आमतौर पर हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी पुलिस के डर से फरार हो जाते हैं, लेकिन सुरेंद्र के सिर पर खून सवार था। हत्या करने के बाद वह कहीं भागा नहीं, बल्कि खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर अपनी मृत बहन के शव के पास ही बैठा रहा। जब ग्रामीण और आस-पड़ोस के लोग शोर सुनकर वहां पहुंचे, तो वे मंजर देख दंग रह गए। आरोपी के चेहरे पर पश्चाताप से ज्यादा गुस्सा और जड़ता नजर आ रही थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही रावला थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को अपने कब्जे में लेकर स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने मौके से आरोपी सुरेंद्र को हिरासत में ले लिया और हत्या में प्रयुक्त हथियार (कुल्हाड़ी) को भी जब्त कर लिया है।
पुलिस उपाधीक्षक ने मीडिया को बताया:
“शुरुआती जांच में मामला पूरी तरह से जमीन विवाद और पारिवारिक कलह का लग रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं ताकि कोर्ट में ठोस सबूत पेश किए जा सकें।”
सामाजिक ताने-बाने पर प्रहार
श्रीगंगानगर जैसे कृषि प्रधान जिले में जमीन के विवाद अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन रिश्तों का इस कदर कत्ल होना समाज के लिए चिंताजनक है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरेंद्र और मंजू के बीच पहले भी कई बार कहासुनी हुई थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि विवाद इस हद तक पहुंच जाएगा कि एक भाई अपनी ही बहन का कातिल बन जाएगा।
मंजू की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार के अन्य सदस्य सदमे में हैं। पुलिस अब इस मामले में परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था या यह अचानक उपजे गुस्से का परिणाम था।
निष्कर्ष: जमीन और संपत्ति की लालसा ने एक बार फिर रिश्तों पर पानी फेर दिया है। श्रीगंगानगर का यह हत्याकांड हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम वास्तव में एक सभ्य समाज की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ चंद बीघे जमीन की कीमत सगी बहन की जान से भी ज्यादा हो गई है? आरोपी सुरेंद्र फिलहाल सलाखों के पीछे है, लेकिन इस घटना ने जो घाव उस परिवार और समाज को दिए हैं, उन्हें भरने में शायद दशकों लग जाएंगे।