
श्रीगंगानगर। सरहदी जिले श्रीगंगानगर में आज उस वक्त सनसनी फैल गई जब पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक सक्रिय मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। आज 18 अप्रैल, 2026 को जिला पुलिस की विशेष टीम (DST) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गैंग के चार खूंखार गुर्गों को दबोच लिया। इनके पास से आधुनिक विदेशी हथियार बरामद हुए हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि जिले में किसी बड़ी खूनी वारदात की साजिश रची जा रही थी।
कैसे हुआ ‘ऑपरेशन क्लीन-अप’ का आगाज?
पिछले कुछ दिनों से खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिल रहे थे कि लॉरेंस गैंग के कुछ सक्रिय सदस्य राजस्थान के उत्तरी जिलों में अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच, जिला पुलिस अधीक्षक को एक पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली कि गैंग के चार शूटर श्रीगंगानगर शहर के बाहरी इलाके में एक सुरक्षित ठिकाने पर छिपे हुए हैं।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत ‘ऑपरेशन क्लीन-अप’ की रणनीति तैयार की। पुलिस की विशेष टीम (DST) ने सादे कपड़ों में संदिग्ध ठिकाने की घेराबंदी की। जैसे ही बदमाशों को पुलिस की मौजूदगी का अहसास हुआ, उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों ओर से घेरा डालकर उन्हें आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया।
बरामदगी देख सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश
जब पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों और उनके ठिकाने की तलाशी ली, तो जो सामान मिला उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। यह केवल साधारण अपराधी नहीं थे, बल्कि पूरी तरह से अत्याधुनिक साजो-सामान से लैस थे:
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विदेशी घातक पिस्टल: इनके पास से चीन और तुर्की निर्मित 2 हाई-टेक विदेशी पिस्टल बरामद हुईं। ये हथियार अपनी सटीकता और मैगजीन क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
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जिंदा कारतूस: मौके से 27 जिंदा कारतूस मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में गोला-बारूद का होना साफ बताता है कि वे किसी बड़ी मुठभेड़ या सरेआम हत्या की तैयारी में थे।
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टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: पुलिस को इनके पास से कई फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड मोबाइल फोन मिले हैं। जांच में पता चला है कि ये बदमाश इंटरनेट कॉलिंग के जरिए सीधे विदेशों में बैठे अपने आकाओं और जेलों में बंद गैंगस्टरों के संपर्क में थे।
किसे बनाने वाले थे निशाना? रंगदारी का खौफनाक खेल
पकड़े गए गुर्गों से की गई प्रारंभिक पूछताछ में बेहद चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, ये बदमाश जिले के कुछ प्रतिष्ठित व्यापारियों, ईंट-भट्ठा मालिकों और राजनीतिक रसूख रखने वाले व्यक्तियों की लिस्ट लेकर घूम रहे थे।
इनका मकसद शहर में दहशत फैलाकर करोड़ों रुपये की रंगदारी (Extortion) वसूलना था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि ये गिरोह पिछले एक हफ्ते से शहर के पॉश इलाकों में ‘रेकी’ (Recce) कर रहा था। यदि समय रहते इनकी गिरफ्तारी नहीं होती, तो श्रीगंगानगर में गैंगवार या किसी बड़ी हस्ती पर हमला होना निश्चित था।
शहर में हाई अलर्ट: पुलिस की पैनी नजर
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद श्रीगंगानगर शहर और भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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सघन नाकाबंदी: शहर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर नाकाबंदी की गई है।
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होटल-ढाबों की जांच: पुलिस की टीमें शहर के होटलों, गेस्ट हाउसों और ढाबों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन बदमाशों को स्थानीय स्तर पर किसने पनाह दी थी।
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स्थानीय मददगारों की तलाश: पुलिस अब उन ‘स्लीपर सेल्स’ की तलाश में है जो इन बाहरी शूटरों को ठिकाना मुहैया कराने और रेकी करने में मदद कर रहे थे।
ब्रेकिंग अपडेट: होने वाले हैं और भी बड़े खुलासे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए चारों बदमाशों का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है और वे पंजाब व हरियाणा में भी कई वारदातों में वांछित हैं। देर रात जिला पुलिस अधीक्षक इस पूरे मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, जिसमें गैंग के मास्टरमाइंड और उनके अगले टारगेट के बारे में और अधिक खुलासे होने की उम्मीद है।
इस बड़ी कामयाबी ने श्रीगंगानगर पुलिस के इकबाल को बुलंद किया है, लेकिन लॉरेंस गैंग की जिले में मौजूदगी ने आम जनता के बीच चिंता भी पैदा कर दी है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
बने रहें हमारे साथ, श्रीगंगानगर की इस सनसनीखेज खबर पर हमारी नजर लगातार बनी हुई है।