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रायसिंहनगर बॉर्डर पर बड़ी कार्रवाई: BSF ने विफल की घुसपैठ, भारी मात्रा में हेरोइन और विदेशी हथियार बरामद

श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सतर्क जवानों ने एक बार फिर पड़ोसी देश की नापाक साजिशों को नाकाम कर दिया है। श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर सेक्टर में शनिवार तड़के एक बड़े ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने करोड़ों रुपये मूल्य की हेरोइन और एक अत्याधुनिक विदेशी ‘ग्लोक’ (Glock) पिस्तौल बरामद करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर चौकसी और अधिक कड़ी कर दी है।

कैसे अंजाम दिया गया ऑपरेशन?

खुफिया इनपुट और सीमा पर संदिग्ध हलचल को भांपते हुए BSF के जवानों ने देर रात रायसिंहनगर के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गश्त बढ़ा दी थी। बताया जा रहा है कि अंधेरे का फायदा उठाकर सीमा पार से तस्करों ने भारतीय क्षेत्र में मादक पदार्थों और हथियारों की खेप भेजने की कोशिश की। जवानों ने जब सीमा के नजदीक बाड़ (Fencing) के पास संदिग्ध गतिविधि देखी, तो उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला।

बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई और घेराबंदी को देखते हुए तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन वे अपने साथ लाए गए सामान को वहीं छोड़ गए। शनिवार सुबह जब इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो बाड़ के समीप झाड़ियों में छिपाकर रखी गई हेरोइन के पैकेट और एक घातक विदेशी पिस्तौल बरामद हुई।

बरामदगी का विवरण: करोड़ों की ड्रग्स और ‘ग्लोक’ पिस्तौल

BSF के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बरामद की गई हेरोइन की शुद्धता काफी अधिक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मात्रा की हेरोइन की कीमत कई करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इसके साथ ही, सुरक्षा बलों को एक ऑस्ट्रिया निर्मित ‘ग्लोक’ पिस्तौल भी मिली है, जो अपनी सटीकता और घातक मारक क्षमता के लिए जानी जाती है। इस प्रकार के आधुनिक हथियारों का मिलना इस बात का संकेत है कि सीमा पार बैठे तस्कर और आतंकी संगठन न केवल पंजाब बल्कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों को भी अशांत करने की फिराक में हैं।

ड्रोन के इस्तेमाल की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इस खेप को गिराने के लिए पाकिस्तान की ओर से ड्रोन का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में श्रीगंगानगर, अनूपगढ़ और बीकानेर सेक्टर में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएं बढ़ी हैं। BSF के जवान अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह खेप भारतीय क्षेत्र में किसे डिलीवर की जानी थी।

पूरे बॉर्डर पर ‘हाई अलर्ट’ और सर्च ऑपरेशन

इस बड़ी बरामदगी के बाद BSF और स्थानीय पुलिस ने पूरे रायसिंहनगर और आसपास के सीमावर्ती गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

  • सर्च ऑपरेशन: आसपास के खेतों और ढाणियों में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई और संदिग्ध सामान या कोई व्यक्ति इलाके में छिपा हुआ है।

  • नाकाबंदी: श्रीगंगानगर और रायसिंहनगर की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर पुलिस द्वारा नाकाबंदी कर दी गई है और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है।

  • खुफिया एजेंसियां: केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) भी इस मामले में सक्रिय हो गई हैं ताकि तस्करों के स्थानीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

सुरक्षा चुनौतियों के बीच BSF की मुस्तैदी

श्रीगंगानगर का सीमावर्ती इलाका अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हमेशा से संवेदनशील रहा है। हालांकि, कटीली तारों की बाड़ और आधुनिक निगरानी उपकरणों के बावजूद तस्कर नई-नई तकनीक अपना रहे हैं। BSF के डीआईजी स्तर के अधिकारियों ने जवानों की इस कामयाबी पर उनकी पीठ थपथपाई है और कहा है कि सीमा सुरक्षा बल देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि सीमा पार से “ड्रग टेररिज्म” का खेल अभी भी जारी है, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों की पैनी नजर हर साजिश को मिट्टी में मिलाने के लिए तैयार है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पकड़ी गई पिस्तौल के सीरियल नंबर और हेरोइन की पैकिंग की जांच कर रही हैं ताकि इनके उद्गम स्थल और जुड़े हुए गिरोहों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके।

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