
श्रीगंगानगर। राजस्थान के प्रमुख व्यापारिक केंद्र श्रीगंगानगर के सराफा बाजार में आज, 12 अप्रैल 2026 को कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और स्थानीय स्तर पर मांग में आए बदलाव के कारण आज चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट ने जहां निवेशकों को भविष्य के लिए सतर्क किया है, वहीं आगामी वैवाहिक सीजन के लिए खरीदारी करने वालों के चेहरे पर थोड़ी राहत दी है।
बाजार का ताज़ा गणित
आज स्थानीय सराफा बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में नरमी देखी गई। 1 किलोग्राम चांदी की कीमत आज लगभग ₹2,53,049 पर रही। यदि इसकी तुलना पिछले कारोबारी दिन से की जाए, तो इसमें करीब 0.51% की कमी दर्ज की गई है। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बढ़ रही कीमतों के बाद यह एक “मार्केट करेक्शन” (बाजार सुधार) की प्रक्रिया हो सकती है।
गिरावट के प्रमुख कारण
श्रीगंगानगर के स्थानीय सराफा कारोबारियों और आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:
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वैश्विक आर्थिक संकेत: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों में बदलाव की संभावनाओं ने धातु बाजार को प्रभावित किया है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो आमतौर पर चांदी और सोने जैसी धातुओं की कीमतों में दबाव देखा जाता है।
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औद्योगिक मांग में कमी: चांदी का उपयोग न केवल आभूषणों में, बल्कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर होता है। वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग में आई हल्की सुस्ती का असर भी कीमतों पर पड़ा है।
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स्थानीय आपूर्ति: स्थानीय स्तर पर पुरानी चांदी की आवक बढ़ने और नई खरीद में थोड़ी सावधानी बरतने के कारण बाजार में आपूर्ति और मांग का संतुलन कीमतों को नीचे ले आया है।
ग्राहकों और निवेशकों की प्रतिक्रिया
श्रीगंगानगर के मुख्य बाजार और सराफा पट्टी में आज ग्राहकों की चहल-पहल सामान्य से अधिक रही।
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खरीदार: वे लोग जो आने वाले महीनों में शादी-व्याह के लिए आभूषण बनवाना चाहते हैं, वे इस छोटी गिरावट को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। ग्राहकों का मानना है कि यदि कीमतें इसी तरह स्थिर रहती हैं या थोड़ी और गिरती हैं, तो वे अपनी खरीदारी पूरी कर लेंगे।
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निवेशक: चांदी में लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोग वर्तमान कीमतों को बहुत ऊंचा मान रहे हैं। ₹2.5 लाख प्रति किलो के पार पहुंच चुकी चांदी अब एक “प्रीमियम एसेट” बन गई है। निवेशकों का एक वर्ग अभी भी कीमतों में और गिरावट का इंतजार कर रहा है ताकि वे निचले स्तर पर खरीदारी कर सकें।
सराफा संघ का दृष्टिकोण
श्रीगंगानगर सराफा संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि चांदी की कीमतों में ₹1,000 से ₹1,500 प्रति किलो का उतार-चढ़ाव अब एक सामान्य प्रक्रिया बन गया है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ (ETF) के बढ़ते चलन के बावजूद, श्रीगंगानगर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आज भी “फिजिकल सिल्वर” (ठोस चांदी) रखने का रिवाज बहुत मजबूत है। लोग इसे विपत्ति के समय का सबसे भरोसेमंद साथी मानते हैं।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
बाजार के जानकारों का अनुमान है कि अप्रैल के शेष दिनों में चांदी की कीमतें ₹2,50,000 से ₹2,60,000 के दायरे में घूमती रहेंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की मांग फिर से बढ़ सकती है, जिससे कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर को छू सकती हैं। हालांकि, फिलहाल स्थानीय बाजार में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।
निष्कर्ष
12 अप्रैल 2026 को श्रीगंगानगर में चांदी की कीमतों में आई 0.51% की यह गिरावट भले ही सुनने में छोटी लगे, लेकिन यह करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाले इस बाजार में बड़ी अहमियत रखती है। स्थानीय दुकानदारों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे शुद्धता की जांच (Hallmarking) सुनिश्चित करने के बाद ही खरीदारी करें। आने वाले सप्ताह में सराफा बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक शेयर बाजारों और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगी।
नोट: निवेश से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें, क्योंकि सराफा बाजार में जोखिम और उतार-चढ़ाव निरंतर बने रहते हैं।