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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नशा तस्करी के विरुद्ध बड़ा प्रहार: BSF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 4 तस्कर गिरफ्तार

श्रीकरणपुर/श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में सुरक्षा एजेंसियों ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीकरणपुर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त और खुफिया ऑपरेशन के तहत चार शातिर तस्करों को दबोचने में सफलता प्राप्त की है। यह गिरफ्तारी उस मामले में हुई है जिसमें हाल ही में सरहद पार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भारी मात्रा में हेरोइन की खेप भारतीय क्षेत्र में गिराई गई थी।

12 करोड़ की हेरोइन का था मामला

पूरी घटनाक्रम की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई थी जब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात BSF के जवानों ने आधी रात को पाकिस्तानी ड्रोन की गूंज सुनी थी। मुस्तैद जवानों द्वारा की गई फायरिंग के बाद तस्कर भाग खड़े हुए थे, लेकिन इलाके की सघन तलाशी (Search Operation) के दौरान सुरक्षा बलों को 2 किलो 340 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस प्रतिबंधित मादक पदार्थ की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है।

तभी से पुलिस और खुफिया एजेंसियां उन ‘रिसीवर्स’ (खेप प्राप्त करने वालों) की तलाश में थीं, जिन्हें यह नशा सप्लाई किया जाना था।

कैसे बिछाया गया गिरफ्तारी का जाल?

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की सूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच में सामने आया कि सीमा पार बैठे हैंडलर्स स्थानीय तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन की लोकेशन के आधार पर खेप उठाने की योजना बना रहे थे।

आज, 12 अप्रैल 2026 को सटीक सूचना मिलने के बाद श्रीकरणपुर पुलिस और BSF ने घेराबंदी की और चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए तस्करों के पास से कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन और अन्य उपकरण भी बरामद हुए हैं, जिनका उपयोग वे सीमा पार संपर्क साधने के लिए कर रहे थे।

नेटवर्क के गहरे तार

शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार तस्कर न केवल स्थानीय स्तर पर नशे की सप्लाई करते थे, बल्कि इनके तार पंजाब और हरियाणा के बड़े नशा माफियाओं से भी जुड़े होने की आशंका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये तस्कर पिछले काफी समय से सीमा सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर छोटी-छोटी खेप ठिकाने लगा रहे थे।

सीमा पर ‘ड्रोन चुनौती’ और सुरक्षा व्यवस्था

पिछले कुछ महीनों में श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ जिलों से सटी सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन की सक्रियता काफी बढ़ी है। अंधेरे का फायदा उठाकर पाकिस्तानी तस्कर हेरोइन के साथ-साथ हथियार भी गिराने की कोशिश करते हैं। इस कार्रवाई के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है। BSF ने अब एंटी-ड्रोन तकनीक और नाइट विजन कैमरों की संख्या में बढ़ोतरी की है ताकि परिंदा भी पर न मार सके।

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

श्रीकरणपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन चार तस्करों की गिरफ्तारी केवल शुरुआत है। इनसे पूछताछ के आधार पर इस पूरे सिंडिकेट के ‘मास्टरमाइंड’ तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस खेप के लिए पैसा कहां से आया और इसे आगे किन-किन शहरों में सप्लाई किया जाना था।

जनमानस में संदेश

इस बड़ी कार्रवाई से सीमावर्ती गांवों के लोगों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें रात के समय आसमान में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या ड्रोन की आवाज सुनाई दे, तो वे तुरंत निकटतम पुलिस चौकी या BSF पोस्ट को सूचित करें।

निष्कर्ष

नशे के खिलाफ श्रीगंगानगर पुलिस का यह ‘क्लीन स्वीप’ अभियान युवाओं को बर्बाद होने से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 12 करोड़ की हेरोइन की बरामदगी और चार तस्करों की जेल की सलाखों के पीछे रवानगी ने निश्चित रूप से अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल की कमर तोड़ दी है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️