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श्रीगंगानगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कॉलेज स्टूडेंट बन छिपा था लॉरेंस गैंग का शार्प शूटर, गिरफ्तार

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में पुलिस ने अपराध और गैंगवार के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। जिला पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के एक खूंखार और इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो अपनी पहचान छिपाकर शहर के बीचों-बीच एक कॉलेज स्टूडेंट के रूप में रह रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़े अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाया है, बल्कि गैंगस्टरों के उस नेटवर्क को भी बेनकाब किया है जो शिक्षण संस्थानों की आड़ में पनाह ले रहे हैं।

पहचान छिपाने की साजिश: किताबों के पीछे छिपा था अपराधी

गिरफ्तार बदमाश की पहचान गिरोह के सक्रिय सदस्य के रूप में हुई है, जिस पर पुलिस ने भारी इनाम घोषित कर रखा था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अपराधी पिछले काफी समय से श्रीगंगानगर के एक प्रतिष्ठित इलाके में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। उसने स्थानीय लोगों और मकान मालिक को विश्वास दिलाया था कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाला एक साधारण छात्र है।

वह नियमित रूप से बैग टांगकर कॉलेज और लाइब्रेरी जाता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। पुलिस के अनुसार, उसने अपनी दाढ़ी बढ़ा ली थी और पहनावा पूरी तरह बदल लिया था ताकि सीसीटीवी फुटेज या पुराने रिकॉर्ड से उसका मिलान न हो सके।

पुरानी रंजिश और फायरिंग का मामला

इस गिरफ्तारी का मुख्य जुड़ाव कुछ महीने पहले शहर के एक नामी प्रॉपर्टी डीलर के घर पर हुई अंधाधुंध फायरिंग से है। बताया जा रहा है कि लॉरेंस गैंग की ओर से उक्त व्यापारी से करोड़ों की रंगदारी (प्रोटेक्शन मनी) मांगी गई थी। रंगदारी न देने पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से बदमाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर डीलर के आवास पर गोलियां चलाई थीं।

उस घटना के बाद से ही पुलिस की विशेष टीमें और DST (District Special Team) इसकी तलाश में जुटी थीं। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने उस हॉस्टल/पीजी को चिन्हित किया जहाँ यह बदमाश छिपा हुआ था।


पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’

पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने आज तड़के संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी। अपराधी ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी इतनी पुख्ता थी कि उसे आत्मसमर्पण करना पड़ा। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से फर्जी आधार कार्ड और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं, जिनका उपयोग वह अपनी पहचान बदलने के लिए कर रहा था।

गैंग के ‘स्लीपर सेल’ पर नजर

इस गिरफ्तारी के बाद श्रीगंगानगर पुलिस अब उन लोगों की कुंडली खंगाल रही है जिन्होंने इस अपराधी को शरण दी थी। पुलिस का मानना है कि शहर में गैंग के कुछ ‘स्लीपर सेल’ सक्रिय हैं जो बाहरी अपराधियों को ठहरने, मोबाइल सिम उपलब्ध कराने और रेकी करने में मदद करते हैं।

पूछताछ के मुख्य बिंदु:

  • लॉरेंस गैंग के अगले निशाने पर कौन था?

  • बदमाश को हथियार और पैसा कहाँ से सप्लाई हो रहा था?

  • क्या स्थानीय स्तर पर कुछ सफेदपोश लोग भी गिरोह की मदद कर रहे हैं?

सुरक्षा को लेकर पुलिस की अपील

इस घटना ने मकान मालिकों द्वारा किराएदारों के पुलिस वेरिफिकेशन की अनिवार्यता पर फिर से मुहर लगा दी है। पुलिस प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे किसी भी छात्र या व्यक्ति को बिना पहचान पत्र और बिना पुलिस सूचना के कमरा किराए पर न दें।

“अपराधियों के लिए श्रीगंगानगर में कोई जगह नहीं है। हम हर उस व्यक्ति तक पहुँचेंगे जो शांति भंग करने की कोशिश करेगा। यह गिरफ्तारी केवल एक शुरुआत है, जल्द ही इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी दबोचा जाएगा।” — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

निष्कर्ष

लॉरेंस गैंग के इस इनामी बदमाश की गिरफ्तारी श्रीगंगानगर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल व्यापारियों में सुरक्षा का भाव पैदा होगा, बल्कि अपराधियों के बीच यह कड़ा संदेश जाएगा कि वे कानून की नजरों से बच नहीं सकते। फिलहाल, पुलिस बदमाश को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जिसमें आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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