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श्रीगंगानगर में कुदरत का कहर: आंधी और ओलावृष्टि से फसलों पर संकट, येलो अलर्ट जारी

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर और आसपास के बीकानेर संभाग में प्रकृति का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। जहां एक ओर अप्रैल के महीने में तपती गर्मी की शुरुआत हो जाती थी, वहीं इस बार सक्रिय हुए शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने पूरे परिदृश्य को उलट कर रख दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर सहित पूरे संभाग के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जो आने वाले 24 से 48 घंटों के लिए बड़े खतरे का संकेत है।

आसमान से बरस रही आफत: धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि

मंगलवार सुबह से ही जिले के आसमान में काले घने बादलों ने डेरा डाल लिया। मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडल के ऊपरी स्तरों में आए बदलाव के कारण हवा के दबाव में भारी कमी आई है, जिससे 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधियां चलने का सिलसिला शुरू हो गया है।

जिले के सीमावर्ती इलाकों जैसे अर्जुनसर, राजियासर और सूरतगढ़ के आसपास के गांवों से ओलावृष्टि की खबरें आ रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चने के आकार के ओलों ने जमीन को सफेद चादर से ढंक दिया है। आंधी इतनी तीव्र है कि कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूट गई हैं और कच्चे मकानों की छतों को नुकसान पहुँचा है।

किसानों की ‘सोने जैसी फसल’ पर संकट

श्रीगंगानगर, जिसे राजस्थान का ‘अन्न कटोरा’ कहा जाता है, इस समय गेहूं की कटाई के पीक सीजन में है। खेतों में गेहूं की फसल पककर पूरी तरह तैयार खड़ी है। ऐसे नाजुक समय में बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है।

  • फसल का गिरना (Lodging): तेज हवाओं और बारिश के कारण गेहूं की लंबी बालियां वजन सहन नहीं कर पा रही हैं और जमीन पर बिछ गई हैं। इससे दानों की गुणवत्ता खराब होने और पैदावार घटने का खतरा है।

  • नमी का खतरा: जो फसल कट चुकी है और खेतों में बंडल बनाकर रखी गई है, उसमें नमी बढ़ने से दाना काला पड़ सकता है, जिससे मंडी में किसानों को सही भाव मिलना मुश्किल हो जाएगा।

  • ओलों की मार: अर्जुनसर और राजियासर बेल्ट में ओलावृष्टि ने गेहूं की बालियों को झाड़ दिया है, जिससे 30% से 50% तक नुकसान का प्रारंभिक अनुमान लगाया जा रहा है।

प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में पाकिस्तान और उससे सटे राजस्थान के हिस्सों के ऊपर सक्रिय है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में मेघगर्जन के साथ तीव्र बिजली चमकने (Lightning) की घटनाएं हो सकती हैं।

प्रशासन ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  1. सुरक्षित स्थान: आंधी के दौरान बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और कच्ची दीवारों के नीचे शरण न लें।

  2. मंडी अपडेट: जिन किसानों की फसल मंडी में खुले में पड़ी है, वे तुरंत तिरपाल का प्रबंध करें।

  3. यात्रा सावधानी: धूल भरी आंधी के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) कम हो सकती है, इसलिए वाहन चालक सावधानी बरतें।

अन्नदाता की चिंता: कर्ज और कटाई

श्रीविजयनगर के एक किसान ने बताया, “हमने साल भर मेहनत की, खाद और डीजल पर हजारों रुपये खर्च किए। अब जब फसल घर आने का समय आया है, तो कुदरत हमें डरा रही है। अगर बारिश तेज हुई तो बैंक का कर्ज चुकाना भी मुश्किल हो जाएगा।”

निष्कर्ष

फिलहाल श्रीगंगानगर में तापमान में 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन यह राहत किसानों के आंसुओं में बदल सकती है। यदि आगामी 24 घंटों में मौसम शांत नहीं हुआ, तो जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। जिला प्रशासन को अब गिरदावरी (फसल नुकसान का आकलन) की तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए ताकि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके।


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