
श्रीगंगानगर/बीकानेर: राजस्थान के मरुस्थलीय इलाकों में गर्मी के तीखे तेवरों के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट लेने के संकेत दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज 6 अप्रैल को श्रीगंगानगर, बीकानेर और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिससे तपती धूप से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन साथ ही किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: धूल भरी आंधी और मेघगर्जन
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब-राजस्थान की सीमा पर विकसित हुआ है। इसके प्रभाव से आगामी 48 घंटों के दौरान श्रीगंगानगर और बीकानेर संभाग के जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आंधी के साथ-साथ कुछ स्थानों पर मेघगर्जन (Thunderstorm) और हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा या छींटे पड़ सकते हैं। विशेष रूप से श्रीगंगानगर के सीमावर्ती गांवों और बीकानेर के उत्तरी भागों में गरज-चमक के साथ ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
तापमान का उतार-चढ़ाव: गर्मी से आंशिक राहत
पिछले 24 घंटों की बात करें तो श्रीगंगानगर जिले में तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज की गई थी। अधिकतम तापमान 38°C से 40°C के बीच बना हुआ था, जिससे दोपहर के समय लू जैसे हालात महसूस होने लगे थे। हालांकि, आज सुबह से ही आसमान में छिटपुट बादलों के छाने और ठंडी हवाओं के चलने से पारे में 2-3 डिग्री की गिरावट आने के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव अस्थायी है। बारिश और आंधी के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे उमस का अहसास हो सकता है। जैसे ही यह विक्षोभ आगे निकल जाएगा, तापमान में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी होगी और भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा।
किसानों की बढ़ी धड़कनें: फसलों पर संकट के बादल
मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आम जनजीवन के लिए भले ही गर्मी से राहत लेकर आए, लेकिन अन्नदाताओं के लिए यह किसी आफत से कम नहीं है। इस समय श्रीगंगानगर और बीकानेर संभाग में गेहूं और सरसों की कटाई व लावणी का काम जोरों पर है।
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खुले में पड़ी फसल: अधिकांश किसानों की फसल काटकर खेतों में या मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखी हुई है। ऐसे में यदि तेज आंधी के साथ बारिश होती है, तो दाने काले पड़ने और फसल के भीगने का डर है।
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मंडियों के हालात: श्रीगंगानगर की अनाज मंडियों में भी जिंसों की आवक बढ़ गई है। व्यापारियों और किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उपज को तिरपाल से ढककर रखें ताकि अचानक होने वाली बारिश से नुकसान न हो।
आमजन और प्रशासन के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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आंधी के दौरान सावधानी: धूल भरी आंधी चलने पर कच्चे मकानों, टिन शेड और पेड़ों के नीचे शरण न लें। बिजली के खंभों से दूर रहें।
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वाहन चालक रहें सतर्क: दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण वाहन चलाते समय हेडलाइट का प्रयोग करें और सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकें।
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स्वास्थ्य का ध्यान: बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम और एलर्जी की समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए खान-पान में सावधानी बरतें।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
6 अप्रैल को शुरू हुआ यह सिलसिला अगले दो दिनों तक रुक-रुक कर जारी रह सकता है। 8 अप्रैल से आसमान साफ होने और मौसम के शुष्क होने की संभावना है। इसके बाद, सूर्य की तपिश बढ़ेगी और राजस्थान के इन जिलों में ‘हीट वेव’ (Heat Wave) का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, श्रीगंगानगर और बीकानेर के बाशिंदों के लिए आज का दिन धूल और बादलों के नाम रहने वाला है। जहां एक ओर यह बूंदाबांदी प्रकृति को ठंडक देगी, वहीं दूसरी ओर किसानों को अपनी मेहनत बचाने के लिए संघर्ष करना होगा।