
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में गो-तस्करी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला जिले के लालगढ़ जाटान थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां बीती रात गोवंश से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस भीषण हादसे ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया और गो-तस्करी के एक बड़े गिरोह की संलिप्तता की ओर इशारा किया है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, यह हादसा देर रात घटित हुआ जब एक ट्रक तेज रफ्तार में लालगढ़ जाटान के मुख्य मार्ग से गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक की गति इतनी अधिक थी कि चालक मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।
इसी बीच, स्थानीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को भी घटना की सूचना मिली, जो तुरंत राहत कार्य के लिए वहां पहुंचे। जब ट्रक की तलाशी ली गई, तो अंदर का दृश्य अत्यंत विचलित करने वाला था। ट्रक के भीतर 14 गोवंश (नंदी और गायें) बहुत ही क्रूरता के साथ ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे। तस्करी की मंशा से इन पशुओं के मुंह और पैर बेरहमी से बांधे गए थे ताकि वे आवाज न कर सकें।
हताहत और बचाव कार्य
ट्रक पलटने के कारण अंदर फंसे गोवंश को गंभीर चोटें आईं। दुर्भाग्यवश, इस दर्दनाक हादसे में एक नंदी की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य 13 गोवंश बुरी तरह घायल पाए गए। ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक की बॉडी को काटकर पशुओं को बाहर निकाला।
हादसे का फायदा उठाकर ट्रक का चालक और उसका खलासी अंधेरे में मौके से फरार होने में कामयाब रहे। आक्रोशित ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत लालगढ़ जाटान थाना पुलिस को दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मृत नंदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। घायल गोवंश को स्थानीय गोशाला में उपचार के लिए भेजा गया है, जहां पशु चिकित्सकों की टीम उनकी देखरेख कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ राजस्थान गोवंश पशु (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रवासन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाने की कोशिश कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह ट्रक पंजाब या हरियाणा की ओर से आ रहा था और इसे किसी बूचड़खाने या राज्य के बाहर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।
लालगढ़ जाटान थाना अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के टोल नाकों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही, मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है ताकि फरार चालक को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
जन-आक्रोश और सुरक्षा की मांग
इस घटना के बाद श्रीगंगानगर के ग्रामीण इलाकों में भारी रोष व्याप्त है। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने मांग की है कि जिले में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, खासकर रात के समय जब तस्कर सक्रिय होते हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि श्रीगंगानगर की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर अक्सर पंजाब और हरियाणा के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि:
-
मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी सख्त की जाए।
-
गो-तस्करी में लिप्त वाहनों को तुरंत राजसात (Seize) किया जाए।
-
तस्करी के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर उन पर कड़ी कार्रवाई हो।
निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर पशु क्रूरता और संगठित अपराध के गठजोड़ को उजागर करती है। हालांकि पुलिस ने जांच तेज कर दी है, लेकिन फरार चालक की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। क्षेत्र के लोगों को अब पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार है, ताकि बेजुबान जानवरों के साथ होने वाली इस तरह की दरिंदगी पर लगाम लग सके।