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श्रीगंगानगर में ‘सौर क्रांति’: सोलर रूफटॉप योजना ने पकड़ी रफ्तार, 400 से अधिक घरों की छतें बनीं ‘बिजली घर’

श्रीगंगानगर। रेगिस्तानी सूरज की तपिश अब श्रीगंगानगर के निवासियों के लिए आफत नहीं, बल्कि राहत का सबब बनने जा रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत जिले में सौर ऊर्जा के प्रति जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। श्रीगंगानगर जिला, जो अपनी भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है, अब सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन के मामले में प्रदेश के अग्रणी जिलों की सूची में शामिल होने की ओर अग्रसर है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 400 से अधिक घरों की छतों पर सोलर पैनल सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं, और हजारों आवेदन वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं।


मुफ्त बिजली और बचत का डबल फायदा

इस योजना का मुख्य आकर्षण 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का प्रावधान है। श्रीगंगानगर जैसे जिले में, जहां गर्मियों में एयर कंडीशनर और कूलर के चलते घरेलू बिजली बिल मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ देते हैं, वहां यह योजना एक वरदान साबित हो रही है।

  • आर्थिक लाभ: यदि कोई परिवार 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाता है, तो वह न केवल अपना बिजली बिल शून्य कर सकता है, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर आय भी अर्जित कर सकता है।

  • पर्यावरण संरक्षण: सौर ऊर्जा को अपनाकर जिला कार्बन उत्सर्जन कम करने में योगदान दे रहा है, जो ग्लोबल वार्मिंग के दौर में एक सराहनीय कदम है।

सरकारी सब्सिडी और आसान प्रक्रिया

बिजली विभाग (JDVVNL) के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना की सफलता का सबसे बड़ा कारण भारी सब्सिडी (Subsidy) है। सरकार 2 किलोवाट तक के सिस्टम पर लगभग ₹60,000 और 3 किलोवाट या उससे अधिक पर ₹78,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

योजना की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। उपभोक्ता ‘पीएम सूर्य घर’ पोर्टल के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद वेंडर का चयन, इंस्टॉलेशन और नेट-मीटरिंग की प्रक्रिया बिजली विभाग की देखरेख में पूरी की जाती है।

जागरूकता अभियान और जमीनी प्रयास

श्रीगंगानगर जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों का उद्देश्य लोगों के मन से सोलर पैनल के रख-रखाव और इसकी लागत को लेकर बैठे भ्रम को दूर करना है।

“हमारा लक्ष्य है कि जिले के हर पात्र घर तक इस योजना का लाभ पहुंचे। हम न केवल तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे हैं, बल्कि बैंकों के माध्यम से सस्ते ऋण (Low-interest loans) उपलब्ध कराने में भी आवेदकों की मदद कर रहे हैं।”

अधिशाषी अभियंता, बिजली विभाग, श्रीगंगानगर

पंजीकरण में भारी बढ़ोतरी: क्यों बढ़ रहा है रुझान?

पिछले कुछ महीनों में आवेदनों की संख्या में जो उछाल आया है, उसके पीछे कई कारण हैं:

  1. बढ़ती बिजली दरें: पारंपरिक बिजली की बढ़ती कीमतों ने लोगों को वैकल्पिक ऊर्जा की ओर मोड़ने पर मजबूर किया है।

  2. नेट मीटरिंग की सुविधा: सिस्टम द्वारा बनाई गई अतिरिक्त बिजली रात के समय या बादल होने पर ‘एडजस्ट’ हो जाती है, जिससे उपभोक्ता को साल भर लाभ मिलता है।

  3. वेंडर्स की उपलब्धता: श्रीगंगानगर स्थानीय स्तर पर कई प्रमाणित वेंडर्स उपलब्ध हैं, जो त्वरित सर्विस और मेंटेनेंस प्रदान कर रहे हैं।

भविष्य की राह और चुनौतियां

हालांकि 400 का आंकड़ा एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन जिले की आबादी को देखते हुए लक्ष्य अभी काफी बड़ा है। कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को तकनीकी कारणों से ‘फिजिबिलिटी रिपोर्ट’ मिलने में देरी हो रही है, जिसे विभाग प्राथमिकता के आधार पर हल करने का दावा कर रहा है।

प्रशासन का मानना है कि यदि इसी रफ्तार से काम चलता रहा, तो आने वाले एक साल में श्रीगंगानगर ‘ग्रीन एनर्जी’ हब के रूप में उभरेगा। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को भुगतान न करें और केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करें।

निष्कर्ष

‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ केवल बिजली बचाने की योजना नहीं है, बल्कि यह आम आदमी को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। श्रीगंगानगर के आसमान में चमकता सूरज अब यहां के घरों के अंधेरे दूर करने के साथ-साथ जेब का बोझ भी कम कर रहा है। यदि आप भी अपने बिजली के बिल से परेशान हैं, तो आपकी छत आपका समाधान बन सकती है।

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