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श्रीगंगानगर: ईंट भट्ठे पर खूनी तांडव, सोते हुए युवकों पर कुल्हाड़ियों से हमला—एक की मौत, दूसरा जिंदगी और मौत के बीच

श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में अपराध का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला रावला थाना क्षेत्र के चक 1-केवाईडी का है, जहाँ एक ईंट भट्ठे पर देर रात हुई बर्बरता ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। यहाँ स्थित ‘चौधरी ईंट भट्ठे’ पर सो रहे दो मजदूरों पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से प्राणघातक हमला किया, जिसमें एक युवक की जान चली गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल है।

वारदात का घटनाक्रम: आधी रात को मौत का तांडव

घटना बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर भादरसिंह और उसका साथी अमरीकसिंह दिनभर की कड़ी मशक्कत के बाद अपनी झोंपड़ी में सो रहे थे। रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए चार से पांच नकाबपोश हमलावर भट्ठे परिसर में दाखिल हुए।

हमलावर अपने साथ गंडासे और कुल्हाड़ी जैसे तेज धारदार हथियार लेकर आए थे। उन्होंने गहरी नींद में सो रहे भादरसिंह और अमरीकसिंह पर अचानक वार करना शुरू कर दिया। हमला इतना भीषण था कि दोनों युवकों को संभलने या शोर मचाने तक का मौका नहीं मिला। चीख-पुकार सुनकर जब तक अन्य मजदूर मौके पर पहुँचते, हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे।

अस्पताल में तोड़ा दम, बीकानेर रेफर

लहूलुहान हालत में दोनों घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, उपचार के दौरान भादरसिंह की घावों के ताव न सह पाने के कारण मौत हो गई। वहीं, अमरीकसिंह की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

पुलिस की कार्रवाई और प्रारंभिक जांच

वारदात की सूचना मिलते ही रावला थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया है। एफएसएल (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस भट्ठे पर काम करने वाले अन्य मजदूरों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे पुरानी रंजिश का मामला मानकर चल रही है। जिस तरह से हमलावरों ने सीधे जानलेवा वार किए, उससे स्पष्ट है कि उनका मकसद केवल डराना नहीं बल्कि हत्या करना ही था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उन रास्तों की पहचान करने की कोशिश कर रही है जिनसे हमलावर आए और भागे।

मजदूरों में दहशत का माहौल

इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके के ईंट भट्ठों पर काम करने वाले प्रवासी और स्थानीय मजदूरों में भारी दहशत व्याप्त है। मृतक भादरसिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय गश्त बढ़ाने की जरूरत है ताकि ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।

अनसुलझे सवाल

इस खूनी संघर्ष ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • क्या हमलावर मृतक के जानकार थे?

  • क्या इस हमले के पीछे कोई आपसी विवाद या पैसों का लेनदेन था?

  • भट्ठे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे?

निष्कर्ष: रावला में हुई यह वारदात कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाती है। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। भादरसिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

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