
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर की पुलिस ने संगठित अपराध और गैंगवार के खिलाफ एक बेहद महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जिला पुलिस की विशेष टीम (DST) और स्थानीय थाना पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक संदिग्ध बदमाश को धर दबोचा है। इस गिरफ्तारी ने न केवल राजस्थान बल्कि बॉलीवुड की गलियारों तक में खलबली मचा दी है, क्योंकि पकड़े गए आरोपी के तार मुंबई के हाई-प्रोफाइल टारगेट से जुड़े पाए गए हैं।
खुफिया इनपुट के आधार पर घेराबंदी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगियों द्वारा संचालित गैंग का एक सक्रिय सदस्य श्रीगंगानगर इलाके में शरण लिए हुए है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्ध के ठिकाने पर दबिश दी और उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी थे निशाने पर
प्रारंभिक पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तार बदमाश ने कबूल किया है कि उसे मशहूर बॉलीवुड फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित आवास के बाहर फायरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
“पूछताछ में सामने आया है कि गैंग का मुख्य उद्देश्य मुंबई में दहशत फैलाना और फिरौती (Extortion) के लिए दबाव बनाना था। आरोपी को इस काम के लिए मोटी रकम और हथियार उपलब्ध कराने का वादा किया गया था।”
लॉरेंस गैंग पिछले कुछ समय से लगातार फिल्मी हस्तियों और व्यापारियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है, और रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की यह साजिश उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।
बरामद हुए अहम डिजिटल साक्ष्य
पुलिस ने आरोपी के पास से एक आधुनिक स्मार्टफोन और कई फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं।
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कॉल डिटेल्स और चैट्स: आरोपी के मोबाइल की शुरुआती जांच में विदेशी नंबरों से आए कॉल और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स (जैसे सिग्नल और टेलीग्राम) के जरिए किए गए संवाद मिले हैं।
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वर्चुअल नंबरों का खेल: जांच में पता चला है कि आरोपी गैंग के बड़े गुर्गों के संपर्क में था जो कनाडा या अन्य खाड़ी देशों से बैठकर भारत में अपना नेटवर्क चला रहे हैं।
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रेकी के वीडियो: आशंका जताई जा रही है कि मोबाइल में कुछ ऐसे वीडियो या मैप्स हो सकते हैं जो मुंबई में टारगेटेड जगहों की रेकी से संबंधित हों। इन सभी डिजिटल साक्ष्यों को फोरेंसिक लैब (FSL) भेजा जा रहा है।
गहराता नेटवर्क और सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता
इस गिरफ्तारी के बाद राजस्थान पुलिस के साथ-साथ मुंबई पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी सूचित कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों की टीमें अब इस बात की जांच कर रही हैं कि श्रीगंगानगर में इस बदमाश को किसने शरण दी थी और इसे हथियार कहाँ से सप्लाई होने वाले थे।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का श्रीगंगानगर और पंजाब बॉर्डर से पुराना नाता रहा है। सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी और स्थानीय युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए गुमराह कर गैंग में शामिल करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
पुलिस की आगामी कार्रवाई
श्रीगंगानगर पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से गैंग के अन्य साथियों, आगामी ठिकानों और अब तक की गई अन्य वारदातों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि पुलिस अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
निष्कर्ष: श्रीगंगानगर में हुई यह गिरफ्तारी एक बड़े आतंकी और आपराधिक हमले को टालने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। रोहित शेट्टी जैसे बड़े व्यक्तित्व पर हमले की साजिश का नाकाम होना पुलिस की सजगता का प्रमाण है। अब देखना यह होगा कि इस गिरफ्तारी के तार और कितने गहरे दफन हैं और क्या पुलिस इस पूरी गैंग की कमर तोड़ने में कामयाब हो पाएगी।