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श्रीगंगानगर मौसम अपडेट: पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक, धूल भरी आंधी और बारिश से बदलेगा मरुधरा का मिजाज

श्रीगंगानगर। मार्च के महीने में सूरज की तपिश झेल रहे उत्तर राजस्थान के निवासियों के लिए राहत और सतर्कता की खबर एक साथ आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक नया और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर चुका है। इसका सीधा असर आज 26 मार्च से श्रीगंगानगर जिले सहित पूरे बीकानेर संभाग में देखने को मिलेगा।


क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ और क्यों बदलेगा मौसम?

पश्चिमी विक्षोभ असल में भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से उठने वाली कम दबाव वाली हवाएं होती हैं, जो पाकिस्तान के रास्ते भारत के उत्तरी हिस्सों में पहुंचती हैं। मार्च के अंत में जब तापमान बढ़ने लगता है, तो इन ठंडी हवाओं के मिलने से वायुमंडल में अस्थिरता पैदा होती है, जिसके परिणामस्वरूप आंधी, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनती है।

अगले 48 से 72 घंटों का पूर्वानुमान

मौसम केंद्र जयपुर और स्थानीय मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, श्रीगंगानगर में अगले 2-3 दिनों तक मौसम का मिजाज कुछ इस तरह रहने वाला है:

  1. धूल भरी आंधी (Dust Storm): सीमावर्ती जिला होने के कारण श्रीगंगानगर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है। इससे दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

  2. गरज-चमक के साथ बारिश: आसमान में बादलों की आवाजाही आज दोपहर बाद से ही शुरू हो जाएगी। शाम या देर रात तक जिले के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं।

  3. ओलावृष्टि की आशंका: विभाग ने छिटपुट स्थानों पर हल्की ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी भी जारी की है, जो इस समय की फसलों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।


तापमान में गिरावट: गर्मी से मिलेगी राहत

पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 35°C से 38°C के बीच बना हुआ था, जिससे दोपहर के समय लू जैसे हालात महसूस होने लगे थे। इस नए मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से:

  • अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

  • रात के समय चलने वाली ठंडी हवाएं मौसम को खुशनुमा बना देंगी।

  • आमजन को मार्च की इस ‘प्री-मैच्योर’ गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

जहाँ एक तरफ आम जनता के लिए यह राहत की खबर है, वहीं किसानों के लिए यह ‘चिंता की लकीरें’ भी लेकर आया है।

  • कटाई और थ्रेसिंग: वर्तमान में रबी की फसलें (विशेषकर गेहूं और सरसों) कटाई के अंतिम चरण में हैं या मंडियों में पहुंचने को तैयार हैं।

  • सुरक्षित भंडारण: कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को ढक कर रखें या सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें, ताकि बारिश और ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

  • सिंचाई रोकें: अगले दो दिनों तक फसलों में सिंचाई न करने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं से खड़ी फसल के गिरने (Lodging) का खतरा रहता है।


आमजन के लिए सावधानी के निर्देश

प्रशासन और मौसम विभाग ने धूल भरी आंधी के दौरान कुछ सावधानियां बरतने की अपील की है:

  • आंधी के समय कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

  • वाहन चलाते समय हेडलाइट का प्रयोग करें क्योंकि धूल के गुबार से सड़क पर देखना कठिन हो सकता है।

  • अचानक बिजली कड़कने की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बंद कर दें और सुरक्षित स्थान पर रहें।

निष्कर्ष श्रीगंगानगर का मौसम आज से एक करवट ले रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से जहाँ धूल भरी आंधी का सामना करना पड़ेगा, वहीं शाम की ठंडी फुहारें वातावरण को शीतल कर देंगी। यह मौसमी बदलाव अल्पकालिक है, लेकिन इसका प्रभाव कृषि और दैनिक जनजीवन पर व्यापक रहने वाला है।

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