
गजसिंहपुर (श्रीगंगानगर)। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर थाना क्षेत्र से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक कृषि फार्म पर बनी पानी की डिग्गी में मछली पकड़ने के प्रयास में एक प्रवासी युवक की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब युवक मनोरंजन या भोजन के लिए डिग्गी में उतरा था, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह काल का ग्रास बन गया।
मछली पकड़ने का शौक बना काल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक युवक मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और पिछले कुछ समय से गजसिंहपुर क्षेत्र के एक चक (खेत) में कृषि मजदूर के रूप में कार्य कर रहा था। 26 मार्च की दोपहर, युवक पास ही स्थित एक खेत में बनी पक्की डिग्गी (जल भंडारण टैंक) के पास गया था। बताया जा रहा है कि डिग्गी में मछलियां देखकर वह उन्हें पकड़ने के लिए पानी में उतरा या किनारे से प्रयास कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा।
चूँकि डिग्गी की दीवारें अक्सर पक्की और ढलान वाली होती हैं, जिन पर काई जमने के कारण फिसलन हो जाती है, युवक बाहर निकलने में असफल रहा। शोर मचाने पर जब तक आसपास के लोग और अन्य मजदूर मौके पर पहुँचे, तब तक युवक पानी की गहराई में समा चुका था।
ग्रामीणों और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। तुरंत गजसिंहपुर पुलिस थाने को सूचित किया गया। सूचना पाकर पुलिस जाब्ता मौके पर पहुँचा और स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई। करीब एक-दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक के शव को डिग्गी से बाहर निकाला जा सका। जब उसे बाहर लाया गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर स्थानीय सरकारी अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) में रखवाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
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शिनाख्त: मृतक की पहचान स्थापित कर ली गई है और बिहार में उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
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पोस्टमार्टम: परिजनों के पहुँचने के बाद या उनके दिशा-निर्देशों के अनुसार शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा ताकि मृत्यु के सटीक कारणों का पता चल सके।
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मर्ग दर्ज: फिलहाल पुलिस ने सीआरपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
खेतों में बनी डिग्गियां बन रही हैं ‘डेथ ट्रैप’
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में सिंचाई के लिए खेतों में बनाई जाने वाली ये डिग्गियां अक्सर हादसों का सबब बनती हैं।
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सुरक्षा का अभाव: अधिकांश खेतों में डिग्गियों के चारों ओर जाली (Fencing) नहीं होती, जिससे पशु और इंसान अनजाने में इनमें गिर जाते हैं।
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फिसलन और गहराई: पक्की डिग्गियों में नीचे की तरफ काई जमा होने से बाहर निकलना लगभग असंभव हो जाता है।
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जागरूकता की कमी: बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिक अक्सर इन डिग्गियों की गहराई और खतरे से अनजान होते हैं।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
बिहार से रोजी-रोटी की तलाश में राजस्थान आए इस युवक की मौत की खबर ने उसके परिवार को झकझोर कर रख दिया है। एक गरीब परिवार का सहारा छिन जाने से गांव में शोक की लहर है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए डिग्गियों पर फेंसिंग अनिवार्य की जाए।
निष्कर्ष गजसिंहपुर की यह घटना हमें सचेत करती है कि जल स्रोतों के पास बरती गई जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस अब इस कोण से भी जांच कर रही है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई और कारण तो नहीं था, हालांकि प्राथमिक दृष्टि में इसे एक दुर्घटना ही माना जा रहा है।