
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती और सबसे गर्म रहने वाले जिलों में शुमार श्रीगंगानगर में आज, 25 मार्च 2026, को मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर सहित उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के एक बड़े हिस्से के लिए बारिश, गर्जना और तेज धूल भरी आंधी का अलर्ट जारी किया है। सक्रिय हुए एक शक्तिशाली ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) के प्रभाव से क्षेत्र के तापमान में अचानक गिरावट आने और सामान्य जनजीवन के प्रभावित होने की संभावना प्रबल हो गई है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्य सागर से उठने वाली नमी वाली हवाएं (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से टकराकर मैदानी इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बना रही हैं। इसी के प्रभाव से पाकिस्तान की सीमा से सटे श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर संभाग में वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) विकसित हुआ है। इसके परिणामस्वरूप अगले 24 से 48 घंटों तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे।
प्रमुख चेतावनी और संभावित प्रभाव
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, आगामी 24 घंटों में निम्नलिखित स्थितियां देखने को मिल सकती हैं:
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तेज हवाएं और आंधी: जिले के कुछ ग्रामीण इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। यह स्थिति दृश्यता (Visibility) को कम कर सकती है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी होगी।
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हल्की से मध्यम बारिश: श्रीगंगानगर शहर और आसपास के तहसीलों जैसे अनूपगढ़, सूरतगढ़ और पदमपुर में गर्जना के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी छिटपुट आशंका जताई गई है।
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तापमान में गिरावट: पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी से राहत मिलेगी। अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की उम्मीद है, जिससे मौसम खुशनुमा हो जाएगा।
किसानों की बढ़ी धड़कनें: सोने जैसी फसल पर संकट
यह मौसम का बदलाव आम लोगों के लिए गर्मी से राहत लेकर आया है, लेकिन किसानों के लिए यह ‘आसमानी आफत’ साबित हो सकता है।
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फसल कटाई का समय: वर्तमान में श्रीगंगानगर जिले में सरसों की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है और मंडियों में आवक शुरू है। वहीं, गेहूं की फसल पककर तैयार है या कटाई के अंतिम चरण में है।
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नुकसान की आशंका: यदि तेज हवाओं के साथ बारिश होती है, तो खेतों में खड़ी या कटी हुई फसल भीग सकती है, जिससे दानों की चमक फीकी पड़ जाएगी और वजन कम हो जाएगा। इससे किसानों को मंडियों में सही भाव मिलने में कठिनाई होगी।
प्रशासन और बिजली विभाग अलर्ट पर
तेज हवाओं और आंधी की संभावना को देखते हुए जोधपुर डिस्कॉम (Jodhpur Discom) के स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। आंधी के दौरान पेड़ गिरने या बिजली की लाइनें टूटने की घटनाओं को रोकने के लिए एहतियातन बिजली कटौती की जा सकती है। नगर परिषद ने भी बड़े होर्डिंग्स और कमजोर पेड़ों के पास खड़े न होने की सलाह जारी की है।
आमजन के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में अचानक आए इस उतार-चढ़ाव (दिन में गर्मी और बारिश के बाद ठंडक) से मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी-खांसी और वायरल फीवर का खतरा बढ़ जाता है।
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सफर के दौरान: आंधी आने पर वाहन को सुरक्षित स्थान या किसी पक्की इमारत के पास खड़ा करें।
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: गर्जना के समय बिजली के उपकरणों का प्लग निकाल दें और खुले मैदान में न रहें।
“पश्चिमी विक्षोभ का असर आज दोपहर बाद से ही दिखने लगेगा। आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो चुकी है और शाम तक तेज हवाओं के साथ बारिश की पूरी संभावना है।” — स्थानीय मौसम केंद्र प्रभारी
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर के लिए 25 मार्च का यह मौसम अपडेट सतर्क रहने का संकेत है। जहाँ एक ओर तपती धूप से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों और खुले में व्यापार करने वालों के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है। आगामी दो दिनों तक मौसम के इसी तरह अस्थिर रहने का अनुमान है।