
श्रीगंगानगर | 23 मार्च 2026
राजस्थान के ‘अन्न भंडार’ कहे जाने वाले श्रीगंगानगर जिले में रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद की उलटी गिनती शुरू हो गई है। जिला प्रशासन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जिले की विभिन्न कृषि उपज मंडियों और खरीद केंद्रों पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले में 25 मार्च 2026 से गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी।
समर्थन मूल्य और बोनस का गणित
इस वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। श्रीगंगानगर के किसानों के लिए यह एक राहत की खबर है, क्योंकि खुले बाजार (ओपन मार्केट) में वर्तमान भाव इसके आसपास या थोड़े कम बने हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा घोषित निर्देशों के अनुसार, किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
तकनीकी खामियों के कारण रुकावट: अब समाधान की ओर
पिछले तीन-चार दिनों से जिले के कई खरीद केंद्रों पर अनाज की गुणवत्ता जांच (Grading and Testing) और पंजीकरण से जुड़े ऑनलाइन कार्यों में तकनीकी बाधाएं देखी गई थीं। सर्वर डाउन होने और सॉफ्टवेयर अपडेट में देरी के कारण किसानों के पंजीकरण और गिरदावरी सत्यापन के कार्य प्रभावित हुए थे।
हालांकि, जिला कलेक्टर और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (IT Department) को तुरंत समाधान के निर्देश दिए हैं। आज से अधिकांश केंद्रों पर यह कार्य सुचारू कर दिया गया है ताकि 25 मार्च से जब किसान अपना अनाज लेकर मंडी पहुंचें, तो उन्हें किसी पोर्टल संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े।
मंडी समितियों की तैयारी: बारदाना और भंडारण
जिले की श्रीगंगानगर (मुख्य), पदमपुर, रायसिंहनगर, घड़साना और अनूपगढ़ जैसी प्रमुख मंडियों में बारदाने (सिलाई के बोरे) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सरकारी खरीद एजेंसियों—राजफैड (RAJFED) और एफसीआई (FCI)—ने परिवहन और हम्माली (मजदूरी) के टेंडर पहले ही जारी कर दिए हैं। मंडियों में किसानों के लिए छाया, शुद्ध पेयजल और बिजली की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कटाई के इस सीजन में उन्हें असुविधा न हो।
किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल को मंडी लाने से पहले ‘गेहूं खरीद किसान रजिस्ट्रेशन पोर्टल’ पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य करवा लें।
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पंजीकरण के लिए जन-आधार कार्ड, गिरदावरी की प्रति और बैंक विवरण अनिवार्य है।
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बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए परिवार के उस सदस्य का उपस्थित होना आवश्यक है जिसका नाम जन-आधार में दर्ज है।
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किसानों को सलाह दी गई है कि वे अनाज को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके लाएं, ताकि नमी (Moisture content) के कारण खरीद में देरी न हो।
मौसम की अनिश्चितता एक चुनौती
वर्तमान में जिले में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और येलो अलर्ट ने खरीद की तैयारियों के बीच थोड़ी चिंता पैदा की है। यदि 25 मार्च से पहले भारी बारिश होती है, तो मंडियों में अनाज के उठाव और भंडारण में समस्या आ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडी प्रशासन ने तिरपाल और ढके हुए प्लेटफार्मों (Covered Sheds) की व्यवस्था को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं।