
मंगलवार दोपहर को जब पासपोर्ट कार्यालय में सामान्य कामकाज चल रहा था और बड़ी संख्या में आवेदक अपने दस्तावेजों की जांच के लिए मौजूद थे, तभी कार्यालय के आधिकारिक ईमेल इनबॉक्स में एक संदेश आया। इस ईमेल में दावा किया गया था कि कार्यालय परिसर में विस्फोटक छिपाए गए हैं और कुछ ही समय में वहां विस्फोट कर दिया जाएगा।
इस संदेश के मिलते ही कार्यालय के अधिकारियों ने तुरंत उच्चाधिकारियों और स्थानीय कोतवाली पुलिस को सूचित किया।
पुलिस और बम निरोधक दस्ते का सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलते ही श्रीगंगानगर पुलिस सक्रिय हो गई। भारी पुलिस बल के साथ बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुँचा।
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निकासी (Evacuation): सुरक्षा के लिहाज से सबसे पहले कार्यालय परिसर को खाली कराया गया। वहां मौजूद कर्मचारियों और आवेदकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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सघन तलाशी: बम निरोधक दस्ते ने कार्यालय के एक-एक कोने, फाइल रैक, कंप्यूटर रूम और वेटिंग एरिया की बारीकी से जांच की। करीब दो से तीन घंटे चले इस सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली क्योंकि वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
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अफवाह और दहशत: हालांकि यह एक ‘हॉक्स कॉल’ (झूठी धमकी) साबित हुई, लेकिन शहर के व्यस्त इलाके में स्थित इस कार्यालय में बम की खबर से आसपास के दुकानदारों और आम जनता में काफी समय तक दहशत का माहौल बना रहा।
पूरे राजस्थान में एक साथ मिली धमकियां
यह घटना केवल श्रीगंगानगर तक सीमित नहीं थी। जांच में सामने आया कि जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अन्य प्रमुख शहरों के पासपोर्ट कार्यालयों को भी लगभग एक ही समय पर इसी तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में बाधा डालना और सार्वजनिक पैनिक (अफरा-तफरी) पैदा करना था।
आज की स्थिति: जिला पुलिस हाई अलर्ट पर
धमकी मिलने के अगले दिन, यानी आज 11 मार्च को भी श्रीगंगानगर जिले में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। जिला पुलिस अधीक्षक ने सभी सार्वजनिक स्थानों और सरकारी कार्यालयों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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बढ़ी हुई सुरक्षा: पासपोर्ट कार्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है।
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साइबर सेल की जांच: पुलिस की साइबर सेल टीम उस आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है जिससे यह ईमेल भेजा गया था। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इसमें विदेशी सर्वर या वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
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सार्वजनिक स्थानों पर चौकसी: रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मॉल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि उन्हें कहीं भी कोई लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत ‘100’ या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। पासपोर्ट कार्यालय में कामकाज बहाल कर दिया गया है, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
निष्कर्ष: डिजिटल युग में इस तरह की ‘साइबर धमकियां’ सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। हालांकि यह ईमेल फर्जी साबित हुआ, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में नहीं ले रही हैं। श्रीगंगानगर पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए राज्य की अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है ताकि इन शरारती तत्वों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।