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नशा तस्कर के अवैध साम्राज्य पर प्रशासन का प्रहार

श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार को भारी पुलिस जाब्ते और नगर पालिका की टीम ने मिलकर नशा तस्करी के आरोपी विक्की वाल्मीकि द्वारा किए गए अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया। मुख्यमंत्री की अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मंशा के अनुरूप, स्थानीय प्रशासन अब तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने में जुट गया है।

क्या है पूरा मामला?

आरोपी विक्की वाल्मीकि क्षेत्र का एक कुख्यात नशा तस्कर माना जाता है, जिसके खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी ने सादुलशहर नगर पालिका की बेशकीमती भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था और वहां पक्का मकान बना लिया था। यह मकान न केवल अवैध था, बल्कि पुलिस के अनुसार यहाँ से नशीले पदार्थों की गतिविधियों को संचालित किए जाने का भी संदेह था।

कार्रवाई का घटनाक्रम

बुधवार सुबह जैसे ही प्रशासन की टीमें सादुलशहर के वार्ड क्षेत्र में पहुँचीं, इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए सादुलशहर थाना पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

  • पीला पंजा (जेसीबी) का एक्शन: नगर पालिका प्रशासन ने जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण को ढहाना शुरू किया। देखते ही देखते आरोपी का अवैध रूप से निर्मित मकान मलबे में तब्दील हो गया।

  • प्रशासनिक समन्वय: इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व उपखंड अधिकारी (SDM) और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) के निर्देशन में तहसीलदार और नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने किया।

अपराधियों में खौफ का माहौल

इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि उन अपराधियों को चेतावनी देना है जो अवैध धंधों से संपत्ति अर्जित कर सरकारी जमीनों पर कब्जा करते हैं। श्रीगंगानगर पुलिस और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यदि अपराधी अपराध से संपत्ति बनाता है, तो प्रशासन उसे इसी तरह ध्वस्त करेगा।

नशे के खिलाफ ‘सफाई’ अभियान

श्रीगंगानगर जिला पंजाब सीमा से सटे होने के कारण लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है। “चिट्टा” और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी ने यहाँ की युवा पीढ़ी को अपनी चपेट में ले रखा है। सादुलशहर की यह कार्रवाई उस बड़े अभियान का हिस्सा है जिसके तहत:

  1. तस्करों की संपत्तियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है।

  2. अवैध आय से खरीदी गई भूमि और भवनों को चिन्हित किया जा रहा है।

  3. नगर पालिका और राजस्व विभाग के सहयोग से बेदखली की कार्रवाई की जा रही है।

जनता की प्रतिक्रिया

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। लोगों का मानना है कि केवल जेल भेजने से तस्करी नहीं रुकती, जब तक कि तस्करों के अवैध निर्माण और उनकी आर्थिक शक्ति पर चोट न की जाए। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे नशे के कारोबारियों की सूचना निडर होकर पुलिस को दें।


निष्कर्ष: सादुलशहर में हुई यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि कानून का हाथ अपराधियों की गर्दन तक पहुँचने के साथ-साथ उनके अवैध साम्राज्यों तक भी पहुँच रहा है। प्रशासन का यह ‘पीला पंजा’ अब जिले के अन्य हिस्सों में भी उन तस्करों की तलाश कर रहा है जिन्होंने सरकारी जमीन को अपनी निजी जागीर समझ रखा है।

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