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मिलानो कॉर्टिना 2026: बर्फ पर साहस का उत्सव और समावेशिता का नया कीर्तिमान

मिलानो/कॉर्टिना। इटली के खूबसूरत बर्फीले पहाड़ों के बीच आज 10 मार्च 2026 को विंटर पैरालंपिक खेलों का चौथा दिन अपनी पूरी रंगत में है। 6 मार्च को वेरोना एरिना में एक शानदार उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हुए ये खेल न केवल 50वीं वर्षगांठ (गोल्डन जुबली) मना रहे हैं, बल्कि खेलों के इतिहास में ‘समावेशिता’ (Inclusion) और ‘भागीदारी’ के नए मानक भी स्थापित कर रहे हैं।

भागीदारी के टूटे रिकॉर्ड: महिला एथलीटों का दबदबा

इस बार के खेलों ने एक बहुत ही सकारात्मक संदेश दुनिया को दिया है। अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (IPC) के आंकड़ों के अनुसार, मिलानो कॉर्टिना में महिला एथलीटों की भागीदारी ने अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

  • महिला भागीदारी: इस बार कुल 160 महिला एथलीट विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही हैं, जो 2022 बीजिंग खेलों की तुलना में 18% अधिक है।

  • प्रमुख खेल: पैरा-अल्पाइन स्कीइंग (57 महिला), पैरा-क्रॉस कंट्री स्कीइंग (65 महिला) और व्हीलचेयर कर्लिंग (25 महिला) में महिलाओं की संख्या अब तक की सर्वाधिक है।

  • विविधता: कुल 56 देशों के 600 से अधिक एथलीट इस बार 79 पदक स्पर्धाओं (Medal Events) में अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं।


10 मार्च: आज के प्रमुख मुकाबले और रोमांच

आज मंगलवार को ‘सुपर ट्यूजडे’ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि आज कई निर्णायक मुकाबले खेले जा रहे हैं।

  1. पैरा-अल्पाइन स्कीइंग (Combined): आज ‘सुपर कंबाइंड’ स्पर्धा में एथलीटों के साहस की परीक्षा हो रही है। इसमें एक रन ‘सुपर-जी’ (Super-G) और दूसरा ‘स्लैलम’ (Slalom) का होता है, जो एथलीट की गति और संतुलन दोनों को मापता है।

  2. व्हीलचेयर कर्लिंग (Mixed Doubles): इस बार के खेलों में ‘मिक्स्ड डबल्स’ का डेब्यू हुआ है। आज के राउंड-रॉबिन मुकाबलों में चीन, ग्रेट ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है।

  3. पैरा-क्रॉस कंट्री स्कीइंग (Sprint): टेसेरो स्टेडियम में आज ‘स्प्रिंट’ रेस का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ एथलीटों के बीच सेकंडों के अंतर से स्वर्ण पदक का फैसला होगा।

  4. पैरा आइस हॉकी: मिलान के सांतागुलिया एरिना में ग्रुप स्टेज के रोमांचक मैचों का सिलसिला जारी है।


शुभंकर ‘मिलो’ (Milo): चपलता और संकल्प का प्रतीक

इस साल के पैरालंपिक खेलों का शुभंकर ‘मिलो’ (एक भूरा नेवला – Stoat) है। मिलो का नाम मेजबान शहरों (मिलान और कॉर्टिना) के नाम से लिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि मिलो को एक पैर के बिना पैदा हुआ दिखाया गया है, जो यह संदेश देता है कि शारीरिक कमी कभी भी आपके सपनों और रचनात्मकता के आड़े नहीं आ सकती।

तकनीक और पहुँच (Accessibility)

आयोजकों ने इस बार वेन्यू की पहुँच पर विशेष ध्यान दिया है। वेरोना एरिना जैसे ऐतिहासिक रोमन थिएटर को पहली बार पूरी तरह से ‘डिसेबिलिटी फ्रेंडली’ बनाया गया है। साथ ही, प्रसारण में ‘एआई-जनरेटेड’ सबटाइटल्स और ऑडियो विवरण का उपयोग किया जा रहा है, ताकि दुनिया भर के प्रशंसक इन खेलों का आनंद ले सकें।


निष्कर्ष

मिलानो कॉर्टिना 2026 केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह मानवीय इच्छाशक्ति की विजय का उत्सव है। 160 महिला एथलीटों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि आने वाले समय में पैरा-स्पोर्ट्स और अधिक समावेशी होने वाला है। आज 10 मार्च के मुकाबलों के बाद पदक तालिका में चीन, अमेरिका और कनाडा के बीच शीर्ष पर रहने की जंग और तेज हो गई है।

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