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सिडनी में ‘करो या मरो’: क्या ब्लू टाइग्रेसेस रच पाएंगी इतिहास?

सिडनी। एएफसी महिला एशियन कप 2026 में भारतीय महिला टीम आज अपनी साख और टूर्नामेंट में बने रहने की उम्मीदों के लिए चीनी ताइपे के खिलाफ मैदान पर उतर रही है। सिडनी के वेस्टर्न सिडनी स्टेडियम में खेला जाने वाला यह मैच भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए किसी ‘वर्चुअल फाइनल’ से कम नहीं है। शुरुआती दो झटकों के बाद, एमेलिया वाल्वरडे की प्रशिक्षित टीम को अब न केवल जीत की दरकार है, बल्कि उन्हें गोल अंतर के गणित को भी अपने पक्ष में करना होगा।

ग्रुप-C की स्थिति: अब तक का सफर

भारत के लिए अब तक का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है।

  1. वियतनाम के खिलाफ संघर्ष (1-2): भारत ने अपने पहले मैच में वियतनाम के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। सैनफिडा नोंगराम के गोल की बदौलत मैच 1-1 की बराबरी पर था, लेकिन इंजरी टाइम (90+4′) में गोल खाकर भारत ने एक अंक गंवा दिया।

  2. जापान का दबदबा (0-11): दूसरे मैच में दुनिया की 8वें नंबर की टीम जापान के सामने भारतीय डिफेंस ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस भारी हार ने भारत के गोल अंतर (Goal Difference) को -12 तक पहुँचा दिया है।


क्वालिफिकेशन का गणित: 2 गोल की जीत क्यों जरूरी?

वर्तमान में भारत ग्रुप में शून्य अंकों के साथ सबसे नीचे है। लेकिन टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, भारत अभी भी क्वार्टर फाइनल में पहुँच सकता है।

  • सीधा समीकरण: यदि भारत चीनी ताइपे को 2 गोल या उससे अधिक के अंतर (जैसे 2-0, 3-1) से हरा देता है, और उसी समय जापान अपने मैच में वियतनाम को हरा देता है, तो भारत ग्रुप में दूसरे स्थान पर आ जाएगा।

  • टाई-ब्रेकर नियम: जब तीन टीमें (भारत, वियतनाम, चीनी ताइपे) 3-3 अंकों पर बराबर होंगी, तो उनके बीच आपसी मुकाबलों (Head-to-Head) के गोल अंतर को देखा जाएगा। 2-0 की जीत भारत को इस तालिका में शीर्ष पर ला देगी।


चीनी ताइपे की चुनौती और भारत की रणनीति

चीनी ताइपे (फिफा रैंकिंग 40) वर्तमान में भारत (फिफा रैंकिंग 67) से काफी मजबूत स्थिति में है। उन्होंने वियतनाम को 1-0 से हराया है और उन्हें अगले दौर में जाने के लिए केवल एक ड्रॉ की जरूरत है।

भारत की ताकत:

  • मनीषा कल्याण और सुष्मिता: विंग्स पर मनीषा की रफ्तार और सुष्मिता का अनुभव भारतीय आक्रमण की जान है। कोच वाल्वरडे इस मैच में ‘ऑल-आउट अटैक’ की रणनीति अपना सकती हैं।

  • मिडफील्ड: मिडफील्ड में ग्रेस डांगमेई और संगीता बासफोर को गेंद पर नियंत्रण रखना होगा ताकि चीनी ताइपे को काउंटर अटैक का मौका न मिले।


कोच और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास

मैच की पूर्व संध्या पर भारतीय मुख्य कोच एमेलिया वाल्वरडे ने कहा, “जापान के खिलाफ मिली हार दर्दनाक थी, लेकिन हमने उस पन्ने को पलट दिया है। हमारे पास अभी भी एक मौका है और लड़कियां इस ‘अंतिम मौके’ के लिए पूरी तरह तैयार हैं।” गोलकीपर पंथोई चानू, जिन्होंने जापान के खिलाफ हार के बावजूद कई बेहतरीन बचाव किए थे, आज फिर से पोस्ट के नीचे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

निष्कर्ष

भारतीय महिला फुटबॉल के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। 2003 के बाद पहली बार मेरिट पर क्वालीफाई करने के बाद, क्वार्टर फाइनल तक पहुँचना एक बड़ी उपलब्धि होगी। यदि ब्लू टाइग्रेसेस आज 2 गोल के अंतर से जीत दर्ज करती हैं, तो यह न केवल उन्हें अंतिम-8 में ले जाएगा, बल्कि 2027 फिफा महिला विश्व कप की उम्मीदों को भी जीवित रखेगा।

सिडनी का स्टेडियम भारतीय प्रशंसकों से भरने की उम्मीद है, जो अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ तैयार हैं।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️