
श्रीगंगानगर जिला परिवहन विभाग इन दिनों एक विशेष अभियान को लेकर चर्चा में है। विभाग ने उन वाहन स्वामियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जिन्होंने भारत सीरीज (BH Series) के तहत अपने वाहनों का पंजीकरण तो करवा लिया, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक रोड टैक्स जमा नहीं कराया। प्रशासन की इस सख्ती ने शहर के वाहन मालिकों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
क्या है पूरा मामला? बीएच सीरीज और टैक्स का गणित
भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों, रक्षा बलों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कर्मचारियों की सुविधा के लिए ‘बीएच सीरीज’ की शुरुआत की थी, ताकि उन्हें एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरण होने पर बार-बार वाहन पंजीकरण बदलने की झंझट न हो।
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किस्तों में टैक्स की सुविधा: बीएच सीरीज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पूरे 15 साल का रोड टैक्स एक साथ देने के बजाय, हर दो साल में किस्तों में टैक्स भरने का विकल्प मिलता है।
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लापरवाही का आलम: श्रीगंगानगर परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में दर्जनों ऐसे वाहन मालिक हैं जिन्होंने वाहन खरीदते समय शुरुआती दो साल का टैक्स तो जमा कर दिया, लेकिन उसके बाद की किस्तों को चुकाना भूल गए या जानबूझकर अनदेखा कर दिया।
प्रशासन की चेतावनी: रोजाना बढ़ रहा है जुर्माने का बोझ
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि टैक्स भुगतान में देरी अब वाहन स्वामियों की जेब पर भारी पड़ने वाली है।
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पेनल्टी की मार: विभाग के नियमों के अनुसार, टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि निकलने के बाद प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जा रहा है।
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सूची तैयार: विभाग ने जिले के ऐसे सभी ‘डिफॉल्टरों’ की एक विस्तृत सूची तैयार कर ली है। सॉफ्टवेयर के जरिए उन सभी गाड़ियों को चिह्नित कर लिया गया है जिनका टैक्स पोर्टल पर अपडेट नहीं है।
जब्ती और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई
विभाग अब केवल नोटिस भेजने तक सीमित नहीं रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में शहर के प्रमुख चौराहों और नाकों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
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ऑन-द-स्पॉट जब्ती: यदि चेकिंग के दौरान किसी बीएच सीरीज वाहन का टैक्स बकाया पाया जाता है, तो उसे मौके पर ही जब्त कर पुलिस थाने या परिवहन कार्यालय के यार्ड में खड़ा कर दिया जाएगा।
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ब्लैकलिस्टिंग: बार-बार नोटिस के बावजूद टैक्स न भरने वाले वाहनों को ‘ब्लैकलिस्ट’ (Blacklist) कर दिया जाएगा, जिससे भविष्य में उस वाहन का बीमा, फिटनेस या ट्रांसफर का कोई भी काम ऑनलाइन पोर्टल पर नहीं हो सकेगा।
वाहन स्वामियों के लिए विभाग की सलाह
परिवहन विभाग ने अपील की है कि जिन लोगों ने बीएच सीरीज नंबर ले रखे हैं, वे तुरंत अपने ऑनलाइन पोर्टल (Parivahan Sewa) पर जाकर टैक्स स्टेटस चेक करें।
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ऑनलाइन भुगतान: डिजिटल इंडिया के तहत टैक्स का भुगतान घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकता है।
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दस्तावेजों का मिलान: यदि किसी ने टैक्स भर दिया है लेकिन पोर्टल पर शो नहीं हो रहा, तो उन्हें रसीद के साथ तुरंत जिला परिवहन कार्यालय (DTO Office) में संपर्क करना चाहिए ताकि उनका नाम डिफॉल्टर सूची से हट सके।
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर में परिवहन विभाग की यह सख्ती स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी राजस्व की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहाँ एक ओर बीएच सीरीज आम जनता के लिए सुविधा लेकर आई है, वहीं इसके नियमों का उल्लंघन अब गाड़ियों के ‘सीज’ होने का कारण बन सकता है। शहरवासियों को सलाह दी जाती है कि वे जुर्माने की मोटी रकम और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए समय पर अपने करों का भुगतान करें।
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