🢀
श्रीगंगानगर में प्री-समर का आगाज: चढ़ता पारा और बदलती फिजा

श्रीगंगानगर, 

राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित श्रीगंगानगर जिला, जो अपनी भीषण सर्दियों और झुलसाने वाली गर्मियों के लिए मशहूर है, एक बार फिर मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव का गवाह बन रहा है। आज 5 मार्च को जिले के वातावरण में जो तल्खी देखी गई, वह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि शीत ऋतु अब अपनी विदाई ले चुकी है और ग्रीष्म ऋतु ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं।


तापमान का गणित: 30 डिग्री की दहलीज पर

आज श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 28°C से 30°C के बीच दर्ज किया गया। मार्च के पहले सप्ताह में ही पारे का इस स्तर पर पहुंचना यह दर्शाता है कि इस बार गर्मी समय से कुछ पहले ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। दोपहर के समय सूरज की किरणें अब चुभने लगी हैं और सड़कों पर आवाजाही में लोग छांव तलाशते नजर आ रहे हैं।

हालांकि, राहत की बात यह है कि न्यूनतम तापमान अभी भी 12°C से 15°C के आसपास बना हुआ है। यानी रातें और सुबह का समय अभी भी सुहावना और हल्का ठंडा है, जिसे मौसम वैज्ञानिक ‘गुलाबी ठंड’ का आखिरी दौर मान रहे हैं। लेकिन दिन और रात के तापमान में यह भारी अंतर (Diurnal Range) स्वास्थ्य के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

होली के नजदीक आते ही बदली रंगत

जैसे-जैसे होली का त्योहार नजदीक आ रहा है, फिजाओं में शुष्कता बढ़ गई है। श्रीगंगानगर में होली के समय अक्सर मौसम एक करवट लेता है। इस बार आसमान पूरी तरह साफ रहने और तेज धूप खिलने के कारण वातावरण में नमी की मात्रा कम हो गई है। शुष्क हवाओं के चलने से त्वचा में रूखापन महसूस होने लगा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 72 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी का अहसास और गहरा जाएगा।

कृषि और आम जनजीवन पर प्रभाव

मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सीधा असर जिले की रबी फसलों, विशेषकर गेहूं पर पड़ रहा है।

  • किसानों के लिए चेतावनी: कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल तेजी से पकने की ओर बढ़ती है। अगर पारा अचानक बहुत ज्यादा बढ़ता है, तो दाना सिकुड़ने का डर रहता है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों में नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई का उचित प्रबंधन करें।

  • स्वास्थ्य संबंधी सावधानी: दिन में गर्मी और रात में ठंडक के कारण मौसमी बीमारियों (सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार) का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग अचानक ठंडे पानी के सेवन से बचें और दोपहर की धूप से सीधे संपर्क में आने से परहेज करें।

आगामी दिनों का पूर्वानुमान

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, फिलहाल श्रीगंगानगर और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के संकेत नहीं हैं। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले एक हफ्ते तक बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। आसमान साफ होने के कारण ‘सोलर रेडिएशन’ सीधे जमीन तक पहुंचेगा, जिससे दिन का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर जा सकता है।


निष्कर्ष

श्रीगंगानगर के निवासियों के लिए यह समय संक्रमण काल जैसा है। जहाँ एक ओर पंखे और कूलर साफ होकर बाहर निकलने लगे हैं, वहीं दूसरी ओर अल सुबह की हल्की ओस अभी भी सर्दियों की याद दिला रही है। 5 मार्च की यह गर्मी आने वाले ‘तपती’ गर्मियों का केवल एक ट्रेलर है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सलाह दी है कि वे बदलते मौसम के अनुसार अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️