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रेल यात्रियों के लिए बड़ी सौगात: सूरतगढ़-श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

श्रीगंगानगर/सूरतगढ़। उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सूरतगढ़ और श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशनों पर लंबे समय से प्रतीक्षित प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर नई लिफ्ट का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। यह विकास कार्य न केवल बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है, बल्कि स्टेशन के समग्र बुनियादी ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगा।

लिफ्ट सुविधा: अब प्लेटफॉर्म बदलना होगा आसान

रेलवे स्टेशनों पर अक्सर यात्रियों को भारी सामान के साथ एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता था। विशेष रूप से सूरतगढ़ जैसे व्यस्त जंक्शन पर, जहां ट्रेनों का आवागमन निरंतर बना रहता है, यात्रियों को प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 तक पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी।

अब लिफ्ट का कार्य पूरा हो जाने से यह समस्या बीते दौर की बात हो जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार:

  • इन लिफ्टों की क्षमता एक बार में 10 से 15 यात्रियों को ले जाने की है।

  • लिफ्ट के केबिन को आधुनिक सुरक्षा मानकों और सेंसर तकनीक से लैस किया गया है।

  • तकनीकी परीक्षण: बीकानेर मंडल की एक विशेष तकनीकी टीम आगामी कुछ दिनों में इन लिफ्टों का सेफ्टी ऑडिट और फाइनल टेस्टिंग करेगी। सब कुछ सही पाए जाने पर इन्हें आम जनता के उपयोग के लिए समर्पित कर दिया जाएगा।

10 करोड़ की लागत से बदलती स्टेशन की तस्वीर

केवल लिफ्ट ही नहीं, बल्कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सूरतगढ़ और श्रीगंगानगर स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। स्टेशन पर लगभग 10 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक भव्य और चौड़े फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

इस नए फुट ओवरब्रिज की खासियतें निम्नलिखित हैं:

  1. अत्यधिक चौड़ाई: पुराने पुल की तुलना में यह नया FOB काफी चौड़ा होगा, जिससे पीक आवर्स (भीड़भाड़ वाले समय) में यात्रियों को आवाजाही में परेशानी नहीं होगी।

  2. कनेक्टिविटी: यह पुल सीधे लिफ्ट और प्रस्तावित एस्केलेटर पॉइंट से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को एक ‘सीमलेस’ (निर्बाध) अनुभव मिलेगा।

  3. आधुनिक लाइटिंग: पुल पर रात के समय बेहतर दृश्यता के लिए एलईडी लाइटिंग और सूचना पट्ट (Information Boards) लगाए जाएंगे।

बुजुर्गों, दिव्यांगों और मरीजों को विशेष राहत

श्रीगंगानगर जिला पंजाब और हरियाणा की सीमा से सटा हुआ है और यहाँ से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए बीकानेर या जयपुर की यात्रा करते हैं। ऐसे में व्हीलचेयर पर चलने वाले मरीजों या चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्गों के लिए प्लेटफॉर्म 2 और 3 तक पहुँचना एक चुनौती थी। नई लिफ्ट की सुविधा शुरू होने से ‘सुगम्य भारत’ अभियान को बल मिलेगा। स्थानीय यात्री संघों ने रेलवे के इस कदम का स्वागत किया है और इसे यात्रियों की जरूरतों के प्रति एक संवेदनशील पहल बताया है।

बीकानेर मंडल का विजन

बीकानेर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि श्रीगंगानगर और सूरतगढ़ दोनों ही स्टेशन सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहाँ से लंबी दूरी की रेलगाड़ियों का संचालन होता है। लिफ्ट और फुट ओवरब्रिज के निर्माण के साथ-साथ, स्टेशन के वेटिंग रूम (प्रतीक्षालय) का सौंदर्यीकरण और प्रवेश द्वारों को आकर्षक बनाने का काम भी प्रगति पर है।

निष्कर्ष: जैसे ही तकनीकी टीम की हरी झंडी मिलेगी, ये लिफ्ट चालू हो जाएंगी। उम्मीद की जा रही है कि होली के त्यौहार के आसपास यात्रियों को यह ‘गिफ्ट’ मिल सकता है, जिससे त्यौहारों के दौरान होने वाली अतिरिक्त भीड़ को प्रबंधित करने में भी मदद मिलेगी।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️