
टेनिस की दुनिया में 28 फरवरी 2026 का दिन रूसी दिग्गज डेनियल मेदवेदेव के लिए एक नई उपलब्धि लेकर आया। दुबई के एविएशन क्लब टेनिस सेंटर में खेले जा रहे ‘दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैंपियनशिप’ (ATP 500) के फाइनल में मेदवेदेव को चैंपियन घोषित कर दिया गया। हालांकि, यह जीत वैसे नहीं मिली जैसी मेदवेदेव ने उम्मीद की थी—उनके प्रतिद्वंद्वी नीदरलैंड के टालोन ग्रीक्सपोर के मैच से हटने के कारण उन्हें ‘वॉकओवर’ मिला।
यह मेदवेदेव के करियर का 23वां एटीपी (ATP) एकल खिताब है और उनके खेल जीवन में पहली बार ऐसा हुआ है कि उन्होंने किसी एक टूर्नामेंट को दोबारा (Repeat Champion) जीता हो।
फाइनल में ड्रामा: ग्रीक्सपोर की चोट और वॉकओवर
फाइनल मुकाबला शनिवार शाम को खेला जाना था, लेकिन मैच शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही खबर आई कि टालोन ग्रीक्सपोर पैर की मांसपेशियों (Hamstring) में खिंचाव के कारण खेलने की स्थिति में नहीं हैं।
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चोट की पृष्ठभूमि: ग्रीक्सपोर को यह चोट सेमीफाइनल में एंड्री रुबलेव के खिलाफ मिली थी। हालांकि उन्होंने उस कड़े मुकाबले को जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन अगली सुबह उनकी चोट गंभीर हो गई। मेडिकल टीम की जांच के बाद उन्हें ‘अनफिट’ घोषित कर दिया गया।
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मेदवेदेव की प्रतिक्रिया: खिताब जीतने के बाद मेदवेदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सहानुभूति जताते हुए लिखा:
“एक फाइनल को मैं इस तरह नहीं जीतना चाहता था। उम्मीद है कि ग्रीक्सपोर की चोट गंभीर नहीं होगी और वे जल्द ही कोर्ट पर वापसी करेंगे।”
मेदवेदेव के लिए ऐतिहासिक क्यों है यह जीत?
टेनिस जगत में मेदवेदेव के नाम एक बड़ा ही अजीब रिकॉर्ड था। उनके पिछले सभी 22 खिताब अलग-अलग 22 शहरों/टूर्नामेंटों में आए थे। लेकिन दुबई में मिली इस जीत ने उस सिलसिले को तोड़ दिया है।
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पहली बार खिताब का बचाव: मेदवेदेव ने 2023 में भी दुबई का खिताब जीता था। यह पहली बार है जब उन्होंने किसी टूर्नामेंट में अपना दूसरा खिताब जीता है।
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शानदार टूर्नामेंट: इस पूरे हफ्ते मेदवेदेव अविश्वसनीय फॉर्म में थे। उन्होंने फाइनल तक पहुँचने के सफर में स्टेन वावरिंका और फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे जैसे खिलाड़ियों को बिना कोई सेट गंवाए हराया।
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सीजन का दूसरा खिताब: साल 2026 में मेदवेदेव की यह दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले उन्होंने जनवरी में ब्रिस्बेन इंटरनेशनल का खिताब भी अपने नाम किया था।
रैंकिंग और भविष्य की राह
इस जीत के साथ मिले 500 एटीपी पॉइंट्स मेदवेदेव को रैंकिंग में शीर्ष-10 के बेहद करीब ले आए हैं। वर्तमान में दुनिया के 11वें नंबर के खिलाड़ी मेदवेदेव अब अलेक्जेंडर बुब्लिक को पीछे छोड़ते हुए टॉप-10 में वापसी करने के लिए तैयार हैं।
अब टेनिस सर्किट ‘सनशाइन स्विंग’ की ओर बढ़ रहा है, जहाँ मेदवेदेव कैलिफोर्निया में होने वाले इंडियन वेल्स (Indian Wells) मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट में अपनी इस शानदार लय को बरकरार रखना चाहेंगे।
निष्कर्ष
भले ही मेदवेदेव को फाइनल में पसीना नहीं बहाना पड़ा, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन यह बताने के लिए काफी था कि वे ‘हार्ड कोर्ट’ के बेताज बादशाह क्यों माने जाते हैं। दुबई की तेज पिचों पर उनकी रक्षात्मक शैली और सटीक सर्विस का कोई तोड़ नजर नहीं आया। ग्रीक्सपोर के लिए यह निराशाजनक अंत रहा, लेकिन मेदवेदेव के लिए यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।